बेगूसराय जिले के वीरपुर प्रखंड के नौला , गारा, खरमौली, जगदर, मुजफ्फरा, करीचक और सहित आसपास के गांवों में गुरुवार को सचल मृदा परीक्षण प्रयोगशाला द्वारा 60 किसानों की मिट्टी की उर्वरता की जांच की गई। यह अभियान इफको के तत्वावधान में आयोजित किया गया था। इस अभियान के तहत खेतों से मिट्टी के नमूने एकत्र कर पांच प्रमुख तत्वों का परीक्षण किया गया। जांच के परिणामों के आधार पर किसानों को उनकी भूमि की वास्तविक स्थिति और फसल के अनुसार संतुलित उर्वरक के उपयोग के बारे में जानकारी दी गई। इससे किसानों को खेत में पोषक तत्वों की कमी या अधिकता को समझने में मदद मिली। मृदा विश्लेषक सोनू कुमार ने बताया कि मिट्टी की जांच से अनावश्यक रासायनिक खाद के उपयोग पर अंकुश लगता है और फसल उत्पादन में वृद्धि होती है। उन्होंने किसानों से नियमित रूप से मिट्टी की जांच कराने का आग्रह किया। इस अवसर पर लैब अटेंडेंट परशुराम कुमार के साथ अमरनाथ सिंह, रविशंकर कुमार, कन्हैया कुमार, रामानंद तिवारी, अर्चना कुमारी, कैलाश सिंह, बैजनाथ सिंह, राम विनोद सिंह और राम विजय सिंह सहित कई किसान उपस्थित थे। किसानों ने इस मृदा जांच अभियान को खेती के लिए लाभकारी बताया और कहा कि इससे उन्हें सही फसल प्रबंधन और बेहतर उत्पादन में मदद मिलेगी। बेगूसराय जिले के वीरपुर प्रखंड के नौला , गारा, खरमौली, जगदर, मुजफ्फरा, करीचक और सहित आसपास के गांवों में गुरुवार को सचल मृदा परीक्षण प्रयोगशाला द्वारा 60 किसानों की मिट्टी की उर्वरता की जांच की गई। यह अभियान इफको के तत्वावधान में आयोजित किया गया था। इस अभियान के तहत खेतों से मिट्टी के नमूने एकत्र कर पांच प्रमुख तत्वों का परीक्षण किया गया। जांच के परिणामों के आधार पर किसानों को उनकी भूमि की वास्तविक स्थिति और फसल के अनुसार संतुलित उर्वरक के उपयोग के बारे में जानकारी दी गई। इससे किसानों को खेत में पोषक तत्वों की कमी या अधिकता को समझने में मदद मिली। मृदा विश्लेषक सोनू कुमार ने बताया कि मिट्टी की जांच से अनावश्यक रासायनिक खाद के उपयोग पर अंकुश लगता है और फसल उत्पादन में वृद्धि होती है। उन्होंने किसानों से नियमित रूप से मिट्टी की जांच कराने का आग्रह किया। इस अवसर पर लैब अटेंडेंट परशुराम कुमार के साथ अमरनाथ सिंह, रविशंकर कुमार, कन्हैया कुमार, रामानंद तिवारी, अर्चना कुमारी, कैलाश सिंह, बैजनाथ सिंह, राम विनोद सिंह और राम विजय सिंह सहित कई किसान उपस्थित थे। किसानों ने इस मृदा जांच अभियान को खेती के लिए लाभकारी बताया और कहा कि इससे उन्हें सही फसल प्रबंधन और बेहतर उत्पादन में मदद मिलेगी।


