कक्ष के बाहर नेमप्लेट पर लिखवाए मोबाइल नंबर:नर्मदापुरम में नए कलेक्टर की पहल; बेटी खो चुकी महिला को दिए 10 हजार

कक्ष के बाहर नेमप्लेट पर लिखवाए मोबाइल नंबर:नर्मदापुरम में नए कलेक्टर की पहल; बेटी खो चुकी महिला को दिए 10 हजार

नर्मदापुरम जिले के 121वें कलेक्टर और 2013 बैच के आईएएस सोमेश मिश्रा ने पदभार ग्रहण करते ही एक नवाचार किया है। उन्होंने अपने कक्ष के बाहर लगी नेमप्लेट पर नाम के नीचे अपना शासकीय और व्यक्तिगत (प्राइवेट) मोबाइल नंबर लिखवाया है। कलेक्टर तीन दिन से मुख्यमंत्री के दौरे की तैयारियों में व्यस्त हैं। इसी बीच बुधवार को उन्होंने अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे लोगों की शिकायतें सुनीं और एक पीड़ित महिला को रेडक्रॉस से 10 हजार रुपए की आर्थिक सहायता भी दिलाई। मंडला में भी कर चुके हैं यह प्रयोग, नर्मदापुरम में ऐसा पहली बार इससे पहले मंडला में कलेक्टर रह चुके सोमेश मिश्रा ने अपने पूर्व जिले में भी यह प्रयोग किया था, जहां लोगों का काफी सकारात्मक रुझान दिखाई दिया था। नर्मदापुरम जिले में किसी भी कलेक्टर द्वारा पहली बार ऐसा नवाचार किया गया है। बुधवार को नेमप्लेट लगने के बाद कलेक्ट्रेट में इसकी चर्चा रही और इसे कलेक्ट्रेट की परिपाटी बदलने वाला कदम बताया जा रहा है। बता दें कि कलेक्टर मिश्रा नर्मदापूजन के साथ पदभार ग्रहण करने के बाद से ही काम में जुट गए हैं और फिलहाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सिवनीमालवा दौरे की तैयारियों में व्यस्त हैं। कलेक्टर बोले- मोबाइल नंबर लिखाने का उद्देश्य लोगों से जुड़ना है अपनी इस पहल को लेकर कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने कहा, “कलेक्टर सभी का होता है। कार्यालय सभी के लिए खुला है। लोग अपनी समस्या, परेशानी को आकर बता सकते हैं। मोबाइल नम्बर लिखाने का उद्देश्य लोगों से जुड़ने और उनकी समस्याओं से अवगत होना है।” बेटी की मृत्यु के बाद आर्थिक तंगी से जूझ रही महिला की मदद कलेक्टर मिश्रा के कक्ष में बैठते ही लोग अपनी समस्याएं लेकर उनके पास पहुंचने लगे हैं। बुधवार को उनके चैंबर के बाहर लोगों की कतार दिखाई दी। इस दौरान एक महिला अपनी बेटी की मृत्यु के बाद आर्थिक परेशानी लेकर पहुंची थी। कलेक्टर ने तुरंत संवेदनशीलता दिखाते हुए उसे रेडक्रॉस से 10 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दिलाई। इसके अलावा, विभिन्न विभागों से संबंधित समस्याएं लेकर पहुंचे लोगों की शिकायतें सुनकर कलेक्टर ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को दिशा-निर्देश भी दिए।

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