हरियाणा में भाजपा की राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा के बयान का मामला अब कोर्ट पहुंच गया है। पंचकूला कांग्रेस MLA चंद्रमोहन ने सोमवार को कोर्ट में पहुंचकर अपने बयान दर्ज करवाए। उन्होंने माफी मांगने के लिए 7 दिन का समय दिया था, जो रविवार को खत्म हो गया। पंचकूला कोर्ट में अपने वकील दीपांशु बंसल के साथ पहुंचे चंद्रमोहन ने कहा कि सिविल और क्रिमिनल दोनों तरह के केस दायर किए हैं। कुलदीप बिश्नोई के बयान पर चंद्रमोहन ने कहा कि अपने पिता के खिलाफ कोई भी नहीं सुन सकता और ना ही अपने भाई के बारे में कोई सुन सकता। उनके अनुसार रेखा शर्मा की सभा में मौजूद कुछ लोगों ने भी अपनी गवाही दर्ज करवाई ह रेखा शर्मा ने यह दिया था बयान पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल पर विवादित बयान दिया। रेखा शर्मा ने कहा कि हमने वो समय भी देखा है जब यहां बदमाशी थी भजनलाल की। बदमाशी थी उनके बेटे चंद्रमोहन (कांग्रेस विधायक) की । बदमाशी करके इन्होंने इलेक्शन जीते थे। रेखा शर्मा के मुंह से बंसीलाल भी निकला, लेकिन वह रुक गईं। रेखा शर्मा ने शुक्रवार को पंचकूला में भाजपा के मेयर प्रत्याशी श्यामलाल बंसल के नामांकन से पहले हुई जनसभा में ये बातें कही। उस समय मंच पर मुख्यमंत्री नायब सैनी भी मौजूद थे। इसका वीडियो भी सामने आते ही पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे व कांग्रेस विधायक चंद्रमोहन ने रेखा शर्मा को लीगल नोटिस भिजवाया था। इस नोटिस में चंद्रमोहन ने कहा कि बदमाशी से कोई चुनाव जीता होता तो जनता 5 बार न चुनती। इस लीगल नोटिस में रेखा शर्मा को 7 दिनों के भीतर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के लिए कहा गया है। चंद्रमोहन की ओर से रेखा शर्मा को भेजा गया लीगल नोटिस… चंद्रमोहन ने लीगल नोटिस में कही ये बातें…. लोकतंत्र में झूठे आरोप लगाना गलत: चंद्रमोहन ने कहा कि राजनीति में पक्ष और विपक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगाते हैं, लेकिन लोकतंत्र में झूठे आरोप लगाना गलत है। उनके पिता भजनलाल हरियाणा के तीन बार मुख्यमंत्री रहे और राज्य के निर्माण से लेकर उसके विकास में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। पंचकूला को बसाने और विकसित करने का श्रेय भी भजनलाल को ही जाता है। भजनलाल अब इस दुनिया में नहीं हैं। चंद्रमोहन स्वयं पांच बार विधायक रह चुके हैं और उपमुख्यमंत्री पद भी संभाल चुके हैं। छवि को जानबूझकर धूमिल करने की कोशिश: चंद्रमोहन ने कहा कि वे पंचकूला और हरियाणा के विकास के लिए हमेशा तत्पर रहे हैं। उन्होंने कभी भी किसी अन्य दल के नेता के खिलाफ कोई आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं की। इसके बावजूद सांसद रेखा ने चुनावी सभा में उनके परिवार की छवि को जानबूझकर धूमिल करने के लिए अभद्र टिप्पणी की, जो लोकतंत्र और सामाजिक मर्यादा के विरुद्ध है। बदमाशी से चुनाव जीता होता तो शिकायत होती: चंद्रमोहन ने यह भी कहा कि यदि उन्होंने बदमाशी के दम पर चुनाव जीते होते तो जनता उन्हें पांच बार क्यों चुनती? अगर ऐसा होता तो इसकी शिकायत भी होती और कार्रवाई भी होती। उन्होंने 2000, 2005, 2019 और 2024 में चुनाव लड़ा, जिनमें से कई बार हरियाणा में कांग्रेस की सरकार भी नहीं थी। इसके बावजूद उनके खिलाफ कभी कोई शिकायत या कार्रवाई नहीं हुई, जो इस बात का प्रमाण है कि सांसद रेखा का बयान केवल उनकी छवि धूमिल करने के उद्देश्य से दिया गया है। सेक्टर-5 में जनसभा को संबोधित कर रही थीं शुक्रवार को भाजपा के मेयर प्रत्याशी श्यामलाल बंसल ने नामांकन दर्ज किया। इससे पहले सेक्टर-5 में जनसभा रखी गई थी। यहीं सांसद रेखा शर्मा ने विवादित बयान दिया। उस समय मंच पर मुख्यमंत्री नायब सैनी, नायब सैनी के राजनीतिक सचिव तरुण भंडारी, पूर्व मंत्री कंवरपाल गुर्जर, भाजपा के जिला अध्यक्ष अजय मित्तल, पूर्व स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता, भाजपा नेता बंतो कटारिया समेत अन्य नेता मौजूद थे। बोलीं- बदमाशी करके ये इलेक्शन जीते रेखा शर्मा ने मंच से कहा, “आपसे एक निवेदन है कि आप खुद तो वोट डालें ही, अपने आसपास के लोगों से भी इतने वोट डलवाएं कि पंचकूला में हिस्ट्री बन जाए और श्यामलाल बंसल से ज्यादा वोट किसी को न मिलें। श्यामलाल बंसल ने वो समय भी देखा है, जब यहां पर कांग्रेस की बदमाशी थी। जब यहां बदमाशी थी भजनलाल की और चंद्रमोहन की। पूरी तरह बदमाशी करके ये इलेक्शन जीते थे।” भजनलाल का नाम लेने से पहले रेखा बंसीलाल भी बोल रही थीं, लेकिन वह बीच में ही रुक गईं। दैनिक भास्कर से बातचीत में रेखा शर्मा ने कहा- 1996 में शामलाल बंसल को बदमाशी और धोखे से हराया गया था। बंसीलाल का नाम गलती से निकल गया। चौधरी बंसीलाल तो उस समय भाजपा के साथ चुनाव लड़ रहे थे।


