‘मैं छात्र जीवन में रांची में पढ़ाई करता था। रांची में साइकिल से ट्यूशन और कॉलेज आता जाता था। 57 साल की उम्र में भी साइकिल चला रहा हूं, मुझे किसी तरह की कोई परेशानी नहीं है। साइकिल चलाना स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए फायदेमंद है। लोगों को भी छोटी दूरी के लिए फ्यूल बचाने के उद्देश्य से साइकिल का यूज करना चाहिए।’ शुक्रवार को विश्व पर्यावरण दिवस पर दरभंगा में आयोजित साइकिल रैली में शामिल पथ एवं निर्माण मंत्री इंजीनियर कुमार शैलेंद्र ने ये बातें कही। दरभंगा जिला के प्रभारी मंत्री ने करीब एक किलोमीटर तक साइकिल चलाकर लोगों को पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और ईंधन बचत का संदेश दिया। उन्होंने भाजपा और एनडीए के कार्यकर्ताओं से भी पंचायत, प्रखंड, अनुमंडल और जिला स्तर पर साइकिल के यूज को बढ़ावा देने की अपील की। ‘प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन दुनिया के सामने गंभीर चुनौती हैं’ साइकिल रैली के बाद मंत्री कुमार शैलेंद्र ने कहा कि वर्तमान समय में प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन पूरी दुनिया के सामने गंभीर चुनौती बनकर उभरे हैं। इन चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। मंत्री ने कहा कि केवल सरकारी प्रयासों से पर्यावरण संरक्षण संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए आम लोगों का सहयोग भी जरूरी है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पेड़ लगाने, उनकी नियमित देखभाल करने और डेली लाइफ में इको फ्रेंडली आदतों को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन मनाने का विषय नहीं है, बल्कि इसे जन-आंदोलन का स्वरूप देने की आवश्यकता है। यदि समाज का हर व्यक्ति प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाए, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, सुरक्षित और हरित वातावरण उपलब्ध कराया जा सकता है। मंत्री ने कहा कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से पूरे विश्व से पर्यावरण संरक्षण की अपील की गई है। ‘एक पेड़ मां के नाम’ कैंपेन के तहत लगाए गए पौधों पर अपना नाम और पौधा लगाने की तारीख लिखनी चाहिए, ताकि लोग हर साल उसका जन्मदिन मना सकें और उसके संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी महसूस करें। ‘7 जून से भागलपुर के बेली ब्रिज पर शुरू हो जाएगी आवाजाही’ मंत्री ने भागलपुर के विक्रमशिला सेतु पर बनाए गए बेली ब्रिज पर आवाजाही को लेकर भी अपडेट दिया। उन्होंने कहा कि सभी आवश्यक परीक्षण और समीक्षा पूरी कर ली गई है। 7 जून से हल्की गाड़ियों के लिए बेली ब्रिज को खोल दिया जाएगा, जिससे विशेष रूप से श्रावणी मेला के दौरान लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। ‘मैं छात्र जीवन में रांची में पढ़ाई करता था। रांची में साइकिल से ट्यूशन और कॉलेज आता जाता था। 57 साल की उम्र में भी साइकिल चला रहा हूं, मुझे किसी तरह की कोई परेशानी नहीं है। साइकिल चलाना स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए फायदेमंद है। लोगों को भी छोटी दूरी के लिए फ्यूल बचाने के उद्देश्य से साइकिल का यूज करना चाहिए।’ शुक्रवार को विश्व पर्यावरण दिवस पर दरभंगा में आयोजित साइकिल रैली में शामिल पथ एवं निर्माण मंत्री इंजीनियर कुमार शैलेंद्र ने ये बातें कही। दरभंगा जिला के प्रभारी मंत्री ने करीब एक किलोमीटर तक साइकिल चलाकर लोगों को पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और ईंधन बचत का संदेश दिया। उन्होंने भाजपा और एनडीए के कार्यकर्ताओं से भी पंचायत, प्रखंड, अनुमंडल और जिला स्तर पर साइकिल के यूज को बढ़ावा देने की अपील की। ‘प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन दुनिया के सामने गंभीर चुनौती हैं’ साइकिल रैली के बाद मंत्री कुमार शैलेंद्र ने कहा कि वर्तमान समय में प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन पूरी दुनिया के सामने गंभीर चुनौती बनकर उभरे हैं। इन चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। मंत्री ने कहा कि केवल सरकारी प्रयासों से पर्यावरण संरक्षण संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए आम लोगों का सहयोग भी जरूरी है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पेड़ लगाने, उनकी नियमित देखभाल करने और डेली लाइफ में इको फ्रेंडली आदतों को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन मनाने का विषय नहीं है, बल्कि इसे जन-आंदोलन का स्वरूप देने की आवश्यकता है। यदि समाज का हर व्यक्ति प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाए, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, सुरक्षित और हरित वातावरण उपलब्ध कराया जा सकता है। मंत्री ने कहा कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से पूरे विश्व से पर्यावरण संरक्षण की अपील की गई है। ‘एक पेड़ मां के नाम’ कैंपेन के तहत लगाए गए पौधों पर अपना नाम और पौधा लगाने की तारीख लिखनी चाहिए, ताकि लोग हर साल उसका जन्मदिन मना सकें और उसके संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी महसूस करें। ‘7 जून से भागलपुर के बेली ब्रिज पर शुरू हो जाएगी आवाजाही’ मंत्री ने भागलपुर के विक्रमशिला सेतु पर बनाए गए बेली ब्रिज पर आवाजाही को लेकर भी अपडेट दिया। उन्होंने कहा कि सभी आवश्यक परीक्षण और समीक्षा पूरी कर ली गई है। 7 जून से हल्की गाड़ियों के लिए बेली ब्रिज को खोल दिया जाएगा, जिससे विशेष रूप से श्रावणी मेला के दौरान लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी।


