देवरिया शहर के देवरिया खास स्थित श्री मनोकामना पूर्ण हनुमान मंदिर और राज्यमंत्री विजय लक्ष्मी गौतम के बीच चल रहे भूमि विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। नियत प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र न्यायालय द्वारा कथित अवैध कब्जा ध्वस्त करने के आदेश के खिलाफ राज्यमंत्री ने गुरुवार को जिलाधिकारी न्यायालय में अपील दाखिल की है। यह मामला पिछले वर्ष शुरू हुआ था, जब राज्यमंत्री विजय लक्ष्मी गौतम ने मंदिर की जमीन के बगल में चाहरदीवारी का निर्माण कराकर मंदिर की ओर एक गेट खोलने का प्रयास किया। इस पर मंदिर समिति और राज्यमंत्री के बीच विवाद उत्पन्न हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और मंदिर की जमीन की ओर खुलने वाले गेट को बंद करा दिया गया था। बताया जाता है कि मंदिर की कुल भूमि 3.10 एकड़ में फैली है, जिसमें तीन गाटा शामिल हैं। मंदिर के उत्तराधिकारी महंत राजेश नारायण दास और राज्यमंत्री विजय लक्ष्मी गौतम के बीच इसी भूमि को लेकर विवाद चल रहा है। दोनों पक्षों के बीच पहले एक समझौता भी हुआ था, लेकिन एक पक्ष द्वारा चाहरदीवारी निर्माण के बाद विवाद फिर बढ़ गया। स्थिति को देखते हुए प्रशासनिक, पुलिस और राजस्व विभाग की एक टीम मौके पर पहुंची। नायब तहसीलदार की देखरेख में भूमि की पैमाइश कराई गई, जिसमें मंदिर की कुछ जमीन दूसरे पक्ष की सीमा में पाई गई। इसके बाद मंदिर के उत्तराधिकारी ने न्यायालय नियत प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र में वाद दाखिल किया था। सुनवाई के बाद न्यायालय ने राज्यमंत्री विजय लक्ष्मी गौतम द्वारा बिना नक्शा स्वीकृति के आरबीओ एक्ट की धारा 6(क) का उल्लंघन मानते हुए आरबीओ एक्ट की धारा 10 के तहत बाउंड्री ध्वस्तीकरण का आदेश दिया। इस आदेश के खिलाफ राज्यमंत्री ने नियंत्रक प्राधिकारी देवरिया न्यायालय (डीएम कोर्ट) में अपील दाखिल की है। अपील में उन्होंने तर्क दिया है कि संबंधित भूमि उनकी पुश्तैनी संपत्ति है और उनके परिवार का वर्षों से उस पर कब्जा चला आ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व से मौजूद बाउंड्री पर अस्थायी चाहरदीवारी कराना अवैध कब्जा नहीं माना जा सकता।


