मधुबनी में भवन निर्माण विभाग के प्रभारी मंत्री ने डीआरडीए सभागार में संभावित बाढ़ और सुखाड़ से निपटने की तैयारियों की समीक्षा बैठक की। इस दौरान जिले में आपदा प्रबंधन को लेकर अब तक की गई तैयारियों का विस्तृत जायजा लिया गया। वैकल्पिक फसल योजना की तैयारी पूरी करें प्रभारी मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बाढ़ और सुखाड़ जैसी संभावित आपदाओं से निपटने के लिए पूरी गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आपदा की स्थिति में प्रभावित लोगों को समय पर राहत उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, वैकल्पिक फसल योजना की तैयारी भी शीघ्र पूरी करने को कहा गया। हर तीन घंटे पर जलस्तर की निगरानी अपर समाहर्ता आपदा, संतोष कुमार ने बताया कि मधुबनी जिला पारंपरिक रूप से आपदा प्रभावित क्षेत्र रहा है, जहां से 18 नदियां गुजरती हैं। प्रमुख नदियों के जलस्तर की निगरानी हर तीन घंटे पर की जा रही है। बिहार मौसम सेवा केंद्र के अनुसार, जून से सितंबर 2026 तक सामान्य से कम वर्षापात की संभावना है, जिसके मद्देनजर सभी विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। 3069 पुल-पुलियों की सफाई पूरी बैठक में जानकारी दी गई कि जिले में 3069 पुल-पुलियों की सफाई पूरी कर ली गई है और 9 में से 8 बाढ़ आश्रय स्थल तैयार हैं। जिले में 93 सरकारी नाव, 7 मोटरबोट, 290 प्रशिक्षित आपदा मित्र और 67 हजार से अधिक पॉलीथिन शीट उपलब्ध हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में 242 बाढ़ राहत शिविर और 231 सामुदायिक रसोई केंद्र चिन्हित किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कर मेडिकल टीमों का गठन भी किया गया है। इस समीक्षा बैठक में सांसद, विधान परिषद सदस्य सहित कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। मधुबनी में भवन निर्माण विभाग के प्रभारी मंत्री ने डीआरडीए सभागार में संभावित बाढ़ और सुखाड़ से निपटने की तैयारियों की समीक्षा बैठक की। इस दौरान जिले में आपदा प्रबंधन को लेकर अब तक की गई तैयारियों का विस्तृत जायजा लिया गया। वैकल्पिक फसल योजना की तैयारी पूरी करें प्रभारी मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बाढ़ और सुखाड़ जैसी संभावित आपदाओं से निपटने के लिए पूरी गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आपदा की स्थिति में प्रभावित लोगों को समय पर राहत उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, वैकल्पिक फसल योजना की तैयारी भी शीघ्र पूरी करने को कहा गया। हर तीन घंटे पर जलस्तर की निगरानी अपर समाहर्ता आपदा, संतोष कुमार ने बताया कि मधुबनी जिला पारंपरिक रूप से आपदा प्रभावित क्षेत्र रहा है, जहां से 18 नदियां गुजरती हैं। प्रमुख नदियों के जलस्तर की निगरानी हर तीन घंटे पर की जा रही है। बिहार मौसम सेवा केंद्र के अनुसार, जून से सितंबर 2026 तक सामान्य से कम वर्षापात की संभावना है, जिसके मद्देनजर सभी विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। 3069 पुल-पुलियों की सफाई पूरी बैठक में जानकारी दी गई कि जिले में 3069 पुल-पुलियों की सफाई पूरी कर ली गई है और 9 में से 8 बाढ़ आश्रय स्थल तैयार हैं। जिले में 93 सरकारी नाव, 7 मोटरबोट, 290 प्रशिक्षित आपदा मित्र और 67 हजार से अधिक पॉलीथिन शीट उपलब्ध हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में 242 बाढ़ राहत शिविर और 231 सामुदायिक रसोई केंद्र चिन्हित किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कर मेडिकल टीमों का गठन भी किया गया है। इस समीक्षा बैठक में सांसद, विधान परिषद सदस्य सहित कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।


