राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) समाज कल्याण और मेरठ के प्रभारी मंत्री असीम अरुण मेरठ पहुंचे। उन्होंने कहा कि उन्हें पहले पुलिस अधिकारी और अब राजनेता के रूप में सेवा करने का अवसर मिला है। उनका लक्ष्य मेरठ की पहचान अपराध से नहीं, बल्कि विकास से बनाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि माफियाओं को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। मंत्री अरुण ने मेरठ से अपने पुराने जुड़ाव का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वह यहीं अंडर ट्रेनिंग आईपीएस अधिकारी रहे थे और उनके पिता का भी इस शहर से गहरा संबंध रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि एक समय मेरठ को ‘क्राइम कैपिटल’ के नाम से जाना जाता था, लेकिन अब यह पहचान विकास से बन रही है। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास होगा कि मेरठ जनपद की प्रशासनिक और सामाजिक व्यवस्था के बीच तालमेल को और मजबूत किया जाए। नमो भारत ट्रेन में दिल्ली से मेरठ के सफर का आंनद लिया दिल्ली से मेरठ आने के अपने अनुभव को साझा करते हुए मंत्री अरुण ने बताया कि वह सराय काले खां से आरआरटीएस में बैठे और लगभग 50-55 मिनट में मेरठ पहुंच गए। उन्होंने इस आरामदायक यात्रा को दिल्ली, मेरठ और पूरे एनसीआर के लिए विकसित भारत की तस्वीर का एक उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में गंगा एक्सप्रेसवे, आरआरटीएस, जेवर एयरपोर्ट जैसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर कदम उठाए गए हैं, जिससे पूरा एनसीआर और खासकर मेरठ तेजी से विकास करेगा। सपा सरकार में सुरक्षित नहीं थी महिलाएं उन्होंने उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा में हुई वृद्धि पर भी जोर दिया। मंत्री ने कहा कि आज मेरठ, लखनऊ, वाराणसी या गोरखपुर जैसे शहरों में रात को भी लड़कियां स्कूटर या पैदल सुरक्षित आती-जाती दिखती हैं। उन्होंने दावा किया कि अपराधों में कमी आई है और पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई की है। उनके अनुसार, इसका सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि उत्तर प्रदेश और मेरठ की बेटियां अब सड़कों पर सुरक्षित महसूस करती हैं। जबकि समाजवादी पार्टी की सरकार में रात नहीं बल्कि दिन में भी घरों से महिलाएं नहीं निकला करती थी।


