मोबाइल छोड़ किताबों से जुड़ने का संदेश, पुस्तक दिवस पर बच्चों को किया प्रेरित

सिटी रिपोर्टर| नवादा विश्व पुस्तक दिवस के अवसर पर भारत स्काउट और गाइड कार्यालय, हरिश्चंद्र स्टेडियम में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बच्चों को किताब पढ़ने की आदत विकसित करने और मोबाइल से दूरी बनाने के लिए प्रेरित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि 23 अप्रैल को मनाया जाने वाला यह दिवस ज्ञान और पुस्तकों के महत्व को समझाने का अवसर है, लेकिन आज के समय में बच्चे किताबों की जगह मोबाइल को ज्यादा महत्व दे रहे हैं, जो उनके भविष्य के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को बताया गया कि विद्यालयों की लाइब्रेरी में हजारों किताबें उपलब्ध हैं, लेकिन पढ़ने की रुचि कम होती जा रही है। मोबाइल के बढ़ते उपयोग से समय की बर्बादी के साथ-साथ दुरुपयोग की घटनाएं भी बढ़ रही हैं। ऐसे में जरूरी है कि बच्चे किताबों की ओर लौटें और ज्ञान अर्जित करें।इस अवसर पर सौरव गिरी ने सफदर हाशमी की कविता ‘किताबों का कितना बड़ा संसार है, किताबों में ज्ञान की भरमार है…’ का पाठ कर सभी को प्रभावित किया। कविता के माध्यम से बच्चों को पुस्तकों के महत्व और उनके ज्ञानवर्धक स्वरूप से अवगत कराया गया।कार्यक्रम में संतु कुमार स्काउट और संतोष कुमार वर्मा ने कहा कि किताबें ही विज्ञान, इतिहास और अर्थशास्त्र का आधार हैं। इन्हीं के माध्यम से बच्चे उच्च पदों तक पहुंचते हैं और समाज में अपनी पहचान बनाते हैं। उन्होंने बच्चों से नियमित रूप से पुस्तक पढ़ने की आदत अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने ‘मोबाइल से नाता तोड़ो, पुस्तक से नाता जोड़ो’ का नारा लगाकर जागरूकता का संदेश दिया। इस मौके पर राजीव कुमार, अरविंद कुमार, ममता रानी व अन्य रहे । सिटी रिपोर्टर| नवादा विश्व पुस्तक दिवस के अवसर पर भारत स्काउट और गाइड कार्यालय, हरिश्चंद्र स्टेडियम में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बच्चों को किताब पढ़ने की आदत विकसित करने और मोबाइल से दूरी बनाने के लिए प्रेरित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि 23 अप्रैल को मनाया जाने वाला यह दिवस ज्ञान और पुस्तकों के महत्व को समझाने का अवसर है, लेकिन आज के समय में बच्चे किताबों की जगह मोबाइल को ज्यादा महत्व दे रहे हैं, जो उनके भविष्य के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को बताया गया कि विद्यालयों की लाइब्रेरी में हजारों किताबें उपलब्ध हैं, लेकिन पढ़ने की रुचि कम होती जा रही है। मोबाइल के बढ़ते उपयोग से समय की बर्बादी के साथ-साथ दुरुपयोग की घटनाएं भी बढ़ रही हैं। ऐसे में जरूरी है कि बच्चे किताबों की ओर लौटें और ज्ञान अर्जित करें।इस अवसर पर सौरव गिरी ने सफदर हाशमी की कविता ‘किताबों का कितना बड़ा संसार है, किताबों में ज्ञान की भरमार है…’ का पाठ कर सभी को प्रभावित किया। कविता के माध्यम से बच्चों को पुस्तकों के महत्व और उनके ज्ञानवर्धक स्वरूप से अवगत कराया गया।कार्यक्रम में संतु कुमार स्काउट और संतोष कुमार वर्मा ने कहा कि किताबें ही विज्ञान, इतिहास और अर्थशास्त्र का आधार हैं। इन्हीं के माध्यम से बच्चे उच्च पदों तक पहुंचते हैं और समाज में अपनी पहचान बनाते हैं। उन्होंने बच्चों से नियमित रूप से पुस्तक पढ़ने की आदत अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने ‘मोबाइल से नाता तोड़ो, पुस्तक से नाता जोड़ो’ का नारा लगाकर जागरूकता का संदेश दिया। इस मौके पर राजीव कुमार, अरविंद कुमार, ममता रानी व अन्य रहे ।  

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