सिटी रिपोर्टर | औरंगाबाद विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस के अवसर पर शुक्रवार को जिले के सभी हेल्थ एंड वैलनेस सेंटरों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं एवं किशोरियों को माहवारी के दौरान स्वच्छता, स्वास्थ्य और पोषण के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही माहवारी से जुड़े मिथकों, भ्रांतियों और सामाजिक वर्जनाओं को समाप्त करने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में हेल्थ एंड वैलनेस सेंटरों पर कार्यरत सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) ने छात्राओं, युवतियों और महिलाओं को माहवारी के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस दौरान स्वच्छ सैनिटरी पैड का उपयोग, समय-समय पर पैड बदलना, व्यक्तिगत साफ-सफाई बनाए रखना तथा पौष्टिक एवं संतुलित आहार लेना महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। स्वास्थ्यकर्मियों ने उपस्थित किशोरियों को बताया कि माहवारी महिलाओं के जीवन की एक सामान्य एवं प्राकृतिक जैविक प्रक्रिया है। इसे लेकर भय, शर्म या संकोच महसूस करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि जागरूकता की कमी और सामाजिक वर्जनाओं के कारण कई बार किशोरियां अपनी समस्याओं को साझा नहीं कर पाती हैं, जिससे स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बढ़ सकती हैं। इसलिए माहवारी से जुड़ी सही जानकारी का प्रसार जरूरी है। सिविल सर्जन डॉ. कृष्ण कुमार ने कहा कि माहवारी महिलाओं के जीवन का अभिन्न हिस्सा है, लेकिन आज भी समाज में इसे लेकर अनेक भ्रांतियां और गलत धारणाएं मौजूद हैं। इन सामाजिक वर्जनाओं को दूर कर महिलाओं और किशोरियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक बनाना ही विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि माहवारी के दौरान स्वच्छता अपनाकर कई प्रकार के संक्रमण और स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सकता है। किशोरियों ने रखी अपनी समस्याएं डीपीएम मो. अनवर आलम ने बताया कि बकरीद की छुट्टी के कारण 28 मई के स्थान पर 29 मई को जिले में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों ने महिलाओं एवं युवतियों को संक्रमण से बचाव, व्यक्तिगत स्वच्छता तथा माहवारी से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति सजग रहने की सलाह दी।कई हेल्थ एंड वैलनेस सेंटरों पर प्रश्नोत्तर सत्र का भी आयोजन किया गया, जिसमें किशोरियों ने खुलकर अपनी जिज्ञासाएं रखीं और विशेषज्ञों से उनके समाधान प्राप्त किए। कार्यक्रम के सफल संचालन एवं निगरानी की जिम्मेदारी डीपीसी सह हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर के जिला नोडल पदाधिकारी नागेंद्र कुमार केसरी ने निभाई। सिटी रिपोर्टर | औरंगाबाद विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस के अवसर पर शुक्रवार को जिले के सभी हेल्थ एंड वैलनेस सेंटरों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं एवं किशोरियों को माहवारी के दौरान स्वच्छता, स्वास्थ्य और पोषण के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही माहवारी से जुड़े मिथकों, भ्रांतियों और सामाजिक वर्जनाओं को समाप्त करने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में हेल्थ एंड वैलनेस सेंटरों पर कार्यरत सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) ने छात्राओं, युवतियों और महिलाओं को माहवारी के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस दौरान स्वच्छ सैनिटरी पैड का उपयोग, समय-समय पर पैड बदलना, व्यक्तिगत साफ-सफाई बनाए रखना तथा पौष्टिक एवं संतुलित आहार लेना महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। स्वास्थ्यकर्मियों ने उपस्थित किशोरियों को बताया कि माहवारी महिलाओं के जीवन की एक सामान्य एवं प्राकृतिक जैविक प्रक्रिया है। इसे लेकर भय, शर्म या संकोच महसूस करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि जागरूकता की कमी और सामाजिक वर्जनाओं के कारण कई बार किशोरियां अपनी समस्याओं को साझा नहीं कर पाती हैं, जिससे स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बढ़ सकती हैं। इसलिए माहवारी से जुड़ी सही जानकारी का प्रसार जरूरी है। सिविल सर्जन डॉ. कृष्ण कुमार ने कहा कि माहवारी महिलाओं के जीवन का अभिन्न हिस्सा है, लेकिन आज भी समाज में इसे लेकर अनेक भ्रांतियां और गलत धारणाएं मौजूद हैं। इन सामाजिक वर्जनाओं को दूर कर महिलाओं और किशोरियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक बनाना ही विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि माहवारी के दौरान स्वच्छता अपनाकर कई प्रकार के संक्रमण और स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सकता है। किशोरियों ने रखी अपनी समस्याएं डीपीएम मो. अनवर आलम ने बताया कि बकरीद की छुट्टी के कारण 28 मई के स्थान पर 29 मई को जिले में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों ने महिलाओं एवं युवतियों को संक्रमण से बचाव, व्यक्तिगत स्वच्छता तथा माहवारी से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति सजग रहने की सलाह दी।कई हेल्थ एंड वैलनेस सेंटरों पर प्रश्नोत्तर सत्र का भी आयोजन किया गया, जिसमें किशोरियों ने खुलकर अपनी जिज्ञासाएं रखीं और विशेषज्ञों से उनके समाधान प्राप्त किए। कार्यक्रम के सफल संचालन एवं निगरानी की जिम्मेदारी डीपीसी सह हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर के जिला नोडल पदाधिकारी नागेंद्र कुमार केसरी ने निभाई।


