Antibiotic Resistance: एंटीबायोटिक्स वो दवाएं हैं जो हमारे शरीर में बैक्टीरिया को मारकर हमें ठीक करती हैं। लेकिन, अब एक बहुत बड़ी समस्या खड़ी हो गई है जिसे एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस कहते हैं। सरल शब्दों में कहें तो, बैक्टीरिया ने इन दवाओं से लड़ने का तरीका सीख लिया है। अब उन पर गोलियों का असर नहीं हो रहा। WHO एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह एक “धीमी महामारी” है, जो चुपचाप पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले रही है।
क्यों बेअसर हो रही हैं दवाइयां? (WHO Warning)
बिना डॉक्टर की सलाह के मेडिकल स्टोर से दवा खरीद कर खाना सबसे बड़ी गलती है। हम अक्सर 2 दिन दवा खाकर ठीक लगने पर उसे छोड़ देते हैं। इससे बचे हुए बैक्टीरिया और भी जिद्दी और खतरनाक हो जाते हैं। जुकाम या साधारण वायरल में भी एंटीबायोटिक लेना गलत है, क्योंकि ये दवाएं वायरस पर नहीं सिर्फ बैक्टीरिया पर काम करती हैं। आजकल फल-सब्जियों और जानवरों को भी दवाओं के इंजेक्शन दिए जाते हैं, जो खाने के जरिए हमारे शरीर में पहुंचकर दवाओं के असर को खत्म कर रहे हैं।
क्या कहती है नई रिसर्च?
जिलिन विश्वविद्यालय और पेकिंग यूनियन मेडिकल कॉलेज में किए गए एक नए वैश्विक अध्ययन में अस्पताल की प्रयोगशालाओं, राष्ट्रीय निगरानी और अनुसंधान नेटवर्क से ठोस आंकड़े एकत्र किए गए हैं, जिससे पता चलता है कि रोगाणुरोधी प्रतिरोध (एएमआर) कोई दूर का खतरा नहीं है।

Antibiotic Resistance का आम लोगों पर क्या असर होगा?
WHO एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह संकट किसी एक देश का नहीं, बल्कि पूरी दुनिया का है। अगर हम आज नहीं सुधरे तो भविष्य में छोटे-छोटे ऑपरेशन भी फेल हो सकते हैं। कैंसर और निमोनिया जैसी बीमारियों का इलाज नामुमकिन हो जाएगा। एशिया के देशों में स्थिति और भी गंभीर है क्योंकि यहां दवाओं की बिक्री पर ज्यादा लगाम नहीं है।
बचने के लिए क्या उपाय करें?
बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक कभी न लें। डॉक्टर ने जितने दिन की दवा दी है, उसे पूरा खत्म करें। बार-बार हाथ धोएं और साफ-सफाई रखें ताकि इन्फेक्शन हो ही न और दवा की जरूरत ही न पड़े। दवा लेने से पहले अगर संभव हो तो कल्चर टेस्ट करवाएं ताकि पता चले कि शरीर को कौन सी दवा की असली जरूरत है।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर लें।


