सतना में लगातार बारिश के बाद हुए जलभराव ने नगर निगम के महापौर और कमिश्नर के बीच चल रहे विवाद को एक बार फिर सामने ला दिया है। महापौर योगेश ताम्रकार ने सोमवार को नगर निगम कमिश्नर शेर सिंह मीना को पत्र लिखकर शहर की बदहाल स्थिति के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया। महापौर बोले- कमिश्नर के रवैये से बिगड़े हालात महापौर ताम्रकार ने आरोप लगाया कि कमिश्नर के अनुचित और उदासीन रवैये के कारण शहर में जलभराव की गंभीर स्थिति बनी है। उन्होंने कहा कि बारिश से पहले सफाई व्यवस्था मजबूत करने के लिए आवश्यक कदम समय रहते नहीं उठाए गए, जिसके कारण नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मार्च में भेजा था 60 सफाई कर्मियों की भर्ती का प्रस्ताव महापौर ने बताया कि नगर निगम की स्वास्थ्य शाखा द्वारा 27 मार्च 2026 को आउटसोर्स माध्यम से 60 अस्थायी सफाई कर्मियों की भर्ती का प्रस्ताव तैयार किया गया था। यह भर्ती वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए 30 जून तक के लिए की जानी थी। प्रस्ताव को स्वीकृति के लिए कमिश्नर कार्यालय भेजा गया था, लेकिन आरोप है कि अब तक इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। इसके कारण आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध नहीं हो सके और सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई। बारिश के बाद कई इलाकों में हुआ जलभराव हाल ही में हुई लगातार बारिश के बाद शहर के कई मोहल्लों और सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई। नालियों की सफाई समय पर नहीं होने और पर्याप्त सफाई कर्मी नहीं होने से पानी की निकासी प्रभावित हुई। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। जलभराव की स्थिति के बाद नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। नागरिकों ने बारिश से पहले तैयारियों की कमी को लेकर नाराजगी जताई है। तीन महीने से चल रहा विवाद फिर आया सामने महापौर और नगर निगम कमिश्नर के बीच पिछले करीब तीन माह से विभिन्न मुद्दों को लेकर विवाद चल रहा है। जलभराव की ताजा स्थिति के बाद यह विवाद फिर खुलकर सामने आ गया है। महापौर ने पत्र के माध्यम से प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए जवाबदेही तय करने की मांग की है।


