रविवार से मलमास मेला की शुरुआत हो रही है। इसका आयोजन 15 जून तक नालंदा के राजगीर में होगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पर्यटन विभाग की ओर से सारी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। राजगीर स्टेट गेस्ट हाउस के पास 2000 व्यक्तियों और राजगीर रेलवे स्टेशन परिसर, ब्रह्मकुंड के निकट और मेला थाना के पास 1000-1000 व्यक्तियों की आवासन क्षमता वाले जर्मन हैंगर पंडाल बनाए गए हैं। इन स्थलों पर चेंजिंग रूम, स्नानघर, पुरुष और महिला शौचालय, पेयजल, कंट्रोल रूम, सीसीटीवी कैमरा, हेल्थ कैंप तथा सस्ती रोटी काउंटर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। 10 मिनी राजवाड़ी टेंट बनाए गए पर्यटन विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह ने बताया कि, ‘10 मिनी राजवाड़ी टेंट, विभिन्न स्थलों पर जर्मन यात्री शेड तथा वाटरप्रूफ पंडाल की भी व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं और आगंतुकों के वाहनों के लिए पीएचईडी कैम्पस, विश्वशांति स्तूप के निकट, किला मैदान, आरडीएच हाई स्कूल मैदान, पीटीजेएम कॉलेज, हॉकी मैदान, सोन भंडार, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, गौरक्षणी तथा मेयार बाईपास सहित अनेक पार्किंग स्थलों को चिन्हित किया गया है।’ पर्यटक गाइड की भी मिलेगी सुविधा मेला क्षेत्र में सुरक्षा, चिकित्सा, अग्निशमन, प्रशासनिक सहायता तथा पर्यटक सूचना केंद्र में पर्यटक गाइड की उपलब्धता के साथ समुचित समन्वय स्थापित किया गया है। आपातकालीन सहायता के लिए 24×7 हेल्पलाइन 112 के साथ-साथ जिला पदाधिकारी, आरक्षी अधीक्षक, मेला नियंत्रण कक्ष, सिविल सर्जन, अग्निशमन पदाधिकारी, अनुमंडल प्रशासन, यातायात पुलिस, नगर परिषद्, थाना तथा पर्यटक सूचना केन्द्र के संपर्क नंबर भी जारी किए गए हैं। पूरे महीने राजगीर में प्रवास करते हैं श्रद्धालु श्रद्धालु पूरे महीने राजगीर में प्रवास करते हैं और यहां अवस्थित 22 कुण्डों और 52 धाराओं में स्नान, पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेते हैं। मलमास मेला का शुभारंभ 17 मई 2026 को ध्वजारोहण, देवी-देवताओं के आवाहन और पूजन के साथ होगा। मेला अवधि के दौरान 21 मई को पंचमी स्नान, 27 मई को प्रथम शाही स्नान, 31 मई को द्वितीय शाही स्नान, 5 जून को पंचमी स्नान, 11 जून को तृतीय शाही स्नान तथा 15 जून 2026 को अमावस्या स्नान एवं विसर्जन का आयोजन निर्धारित है। रविवार से मलमास मेला की शुरुआत हो रही है। इसका आयोजन 15 जून तक नालंदा के राजगीर में होगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पर्यटन विभाग की ओर से सारी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। राजगीर स्टेट गेस्ट हाउस के पास 2000 व्यक्तियों और राजगीर रेलवे स्टेशन परिसर, ब्रह्मकुंड के निकट और मेला थाना के पास 1000-1000 व्यक्तियों की आवासन क्षमता वाले जर्मन हैंगर पंडाल बनाए गए हैं। इन स्थलों पर चेंजिंग रूम, स्नानघर, पुरुष और महिला शौचालय, पेयजल, कंट्रोल रूम, सीसीटीवी कैमरा, हेल्थ कैंप तथा सस्ती रोटी काउंटर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। 10 मिनी राजवाड़ी टेंट बनाए गए पर्यटन विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह ने बताया कि, ‘10 मिनी राजवाड़ी टेंट, विभिन्न स्थलों पर जर्मन यात्री शेड तथा वाटरप्रूफ पंडाल की भी व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं और आगंतुकों के वाहनों के लिए पीएचईडी कैम्पस, विश्वशांति स्तूप के निकट, किला मैदान, आरडीएच हाई स्कूल मैदान, पीटीजेएम कॉलेज, हॉकी मैदान, सोन भंडार, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, गौरक्षणी तथा मेयार बाईपास सहित अनेक पार्किंग स्थलों को चिन्हित किया गया है।’ पर्यटक गाइड की भी मिलेगी सुविधा मेला क्षेत्र में सुरक्षा, चिकित्सा, अग्निशमन, प्रशासनिक सहायता तथा पर्यटक सूचना केंद्र में पर्यटक गाइड की उपलब्धता के साथ समुचित समन्वय स्थापित किया गया है। आपातकालीन सहायता के लिए 24×7 हेल्पलाइन 112 के साथ-साथ जिला पदाधिकारी, आरक्षी अधीक्षक, मेला नियंत्रण कक्ष, सिविल सर्जन, अग्निशमन पदाधिकारी, अनुमंडल प्रशासन, यातायात पुलिस, नगर परिषद्, थाना तथा पर्यटक सूचना केन्द्र के संपर्क नंबर भी जारी किए गए हैं। पूरे महीने राजगीर में प्रवास करते हैं श्रद्धालु श्रद्धालु पूरे महीने राजगीर में प्रवास करते हैं और यहां अवस्थित 22 कुण्डों और 52 धाराओं में स्नान, पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेते हैं। मलमास मेला का शुभारंभ 17 मई 2026 को ध्वजारोहण, देवी-देवताओं के आवाहन और पूजन के साथ होगा। मेला अवधि के दौरान 21 मई को पंचमी स्नान, 27 मई को प्रथम शाही स्नान, 31 मई को द्वितीय शाही स्नान, 5 जून को पंचमी स्नान, 11 जून को तृतीय शाही स्नान तथा 15 जून 2026 को अमावस्या स्नान एवं विसर्जन का आयोजन निर्धारित है।


