नागौर में एक युवक के साथ हुई मारपीट की घटना के विरोध में सोमवार को माली समाज ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। एसपी के नाम ज्ञापन सौंपकर प्रदर्शनकारियों ने मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। जानकारी के अनुसार- विवाद सोशल मीडिया पर कमेंट करने के बाद शुरू हुआ था। तीन दिन पहले ताऊसर रोड निवासी सुनील सांखला के साथ मारपीट की घटना हुई थी। समाज के अध्यक्ष के खिलाफ टिप्पणी पर विवाद होने की आशंका
जांच में सामने आया कि ताऊसर के युवाओं के एक वाट्सएप ग्रुप में माली समाज के अध्यक्ष कृपाराम देवड़ा के खिलाफ टिप्पणी की गई थी। इसी को लेकर पवन देवड़ा ने सुनील से मारपीट कर दी। हालांकि सांसद कोष से स्वीकृत हाईमास्ट लाइट लगाने को लेकर दोनों पक्षों में हुए विवाद को एक कारण माना जा रहा है। कोतवाली थानाधिकारी वेदपाल शिवरान ने बताया कि पीड़ित पक्ष की ओर से एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। फिलहाल सुनील के बयान दर्ज नहीं हो पाए हैं और न ही मेडिकल करवाया जा सका है, क्योंकि उसका जोधपुर में इलाज चल रहा है। पुलिस ने रविवार को मुख्य आरोपी पवन देवड़ा को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जमानत मिल गई। वारदात में प्रयुक्त कार भी पुलिस ने जब्त कर ली है। इस बीच माली समाज के एक गुट का आरोप है कि कृपाराम देवड़ा और उनका बेटा पवन देवड़ा फिरौती मांगने और धमकाने का काम करते हैं। मामले में जांच के लिए एसपी को ज्ञापन भी सौंपा गया है। ज्ञापन के अनुसार 17 अप्रैल 2026 को हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में मेडिकल दुकान संचालक सुनील सांखला के साथ मारपीट हुई थी। ऐसे में प्रदर्शनकारियों में मामले में निष्पक्ष जांच की मांग के साथ आरोपियों की गिरफ्तार की मांग की है।


