गयाजी में राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। आम लोगों को जागरूक करने के लिए जिला न्यायालय परिसर से प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया गया। यह पहल राष्ट्रीय लीगल सर्विस अथॉरिटी, नई दिल्ली और बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देश पर की गई है। प्रचार वाहन को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार गया प्रदीप कुमार मलिक ने रवाना किया। इस मौके पर उन्होंने साफ कहा कि 9 मई 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत लंबित मामलों के त्वरित और सौहार्दपूर्ण निपटारे का बड़ा मंच है। उन्होंने बताया कि लोक अदालत के जरिए लोगों को कोर्ट-कचहरी के लंबे चक्कर से राहत मिलती है। उन्होंने जानकारी दी कि इस लोक अदालत में राजीनामा योग्य आपराधिक मामले, चेक बाउंस, सिविल वाद, पारिवारिक विवाद, कुटुंब न्यायालय के मामले, मोटर दुर्घटना दावा, ट्रैफिक चालान और ग्राम कचहरी से जुड़े क्षतिपूर्ति मामलों का आपसी सहमति से निपटारा किया जाएगा। उन्होंने अधिवक्ताओं से अपील की कि अधिक से अधिक मामलों को सुलह के जरिए निपटाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। अरविंद दास बोले- लोक अदालत की सफलता सहयोग पर निर्भर करती है वहीं, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव अरविंद कुमार दास ने कहा कि लोक अदालत की सफलता सभी के सहयोग पर निर्भर करती है। उन्होंने अधिवक्ताओं और पक्षकारों से आग्रह किया कि ज्यादा से ज्यादा मामलों को लोक अदालत में लाएं, ताकि लोगों को जल्द न्याय मिल सके। कार्यक्रम में कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश सुनील कुमार वर्मा, एडीजे-1 शशिकांत ओझा, बार एसोसिएशन के पदाधिकारी, एलईडीसीएस के अधिकारी समेत कई न्यायिक पदाधिकारी और अधिवक्ता मौजूद रहे। प्रचार वाहन अब जिले के अलग-अलग इलाकों में जाकर लोगों को लोक अदालत के प्रति जागरूक करेगा। गयाजी में राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। आम लोगों को जागरूक करने के लिए जिला न्यायालय परिसर से प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया गया। यह पहल राष्ट्रीय लीगल सर्विस अथॉरिटी, नई दिल्ली और बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देश पर की गई है। प्रचार वाहन को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार गया प्रदीप कुमार मलिक ने रवाना किया। इस मौके पर उन्होंने साफ कहा कि 9 मई 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत लंबित मामलों के त्वरित और सौहार्दपूर्ण निपटारे का बड़ा मंच है। उन्होंने बताया कि लोक अदालत के जरिए लोगों को कोर्ट-कचहरी के लंबे चक्कर से राहत मिलती है। उन्होंने जानकारी दी कि इस लोक अदालत में राजीनामा योग्य आपराधिक मामले, चेक बाउंस, सिविल वाद, पारिवारिक विवाद, कुटुंब न्यायालय के मामले, मोटर दुर्घटना दावा, ट्रैफिक चालान और ग्राम कचहरी से जुड़े क्षतिपूर्ति मामलों का आपसी सहमति से निपटारा किया जाएगा। उन्होंने अधिवक्ताओं से अपील की कि अधिक से अधिक मामलों को सुलह के जरिए निपटाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। अरविंद दास बोले- लोक अदालत की सफलता सहयोग पर निर्भर करती है वहीं, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव अरविंद कुमार दास ने कहा कि लोक अदालत की सफलता सभी के सहयोग पर निर्भर करती है। उन्होंने अधिवक्ताओं और पक्षकारों से आग्रह किया कि ज्यादा से ज्यादा मामलों को लोक अदालत में लाएं, ताकि लोगों को जल्द न्याय मिल सके। कार्यक्रम में कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश सुनील कुमार वर्मा, एडीजे-1 शशिकांत ओझा, बार एसोसिएशन के पदाधिकारी, एलईडीसीएस के अधिकारी समेत कई न्यायिक पदाधिकारी और अधिवक्ता मौजूद रहे। प्रचार वाहन अब जिले के अलग-अलग इलाकों में जाकर लोगों को लोक अदालत के प्रति जागरूक करेगा।


