दौसा पुलिस ने फेक करेंसी मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली नोटों की डिजाइनिंग और एडिटिंग करने वाले मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। मामले में इससे पूर्व तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया जा चुका है तथा एक किशोर को निरुद्ध किया गया था। एसपी पीयूष दीक्षित ने निर्देशन में टीम ने गुलशन पुत्र प्रेमनाथ (39), निवासी जैन नगर, सेक्टर-38, कंझावला थाना क्षेत्र, रोहिणी दिल्ली को गिरफ्तार किया है। यह था मामला पुलिस के अनुसार 28 मई 2026 को कोतवाली थाने में दर्ज प्रकरण में आयुष कुमार मीना को 40 हजार रुपये की नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया गया था। जांच के दौरान एक किशोर को निरुद्ध कर उसके कब्जे से 47 हजार रुपये की नकली करेंसी बरामद की गई। इसके बाद फरीदाबाद से नकली नोट छापने और बेचने वाले मुख्य सरगना संतोष सिंह वाल्मीकि तथा उसके साथी विशाल उपाध्याय को गिरफ्तार किया गया। पुलिस में आरोपियों के कब्जे से 24 लाख 37 हजार रुपये मूल्य के कागज पर मुद्रित नकली नोट, भारी मात्रा में कागज, स्याही, वाटरमार्क डाई, लैपटॉप, प्रिंटर तथा अन्य उपकरण बरामद किए गए थे। नोटों की डिजाइनिंग-एडिटिंग करता था पुलिस ने 6 जून को मामले के मुख्य आरोपी गुलशन को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि गुलशन नकली नोटों की डिजाइनिंग और एडिटिंग कर उन्हें छापने का कार्य करता था। आरोपी द्वारा राजस्थान में नकली नोटों की सप्लाई किए जाने की भी जानकारी मिली है। पूछताछ में जुटी पुलिस फिलहाल गिरफ्तार आरोपी गुलशन और विशाल पुलिस रिमांड पर हैं तथा उनसे नकली करेंसी नेटवर्क के संबंध में गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में अनुसंधान जारी है और नकली करेंसी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।


