महोबा में बीजेपी के जिला पंचायत अध्यक्ष जयप्रकाश अनुरागी का धार्मिक ग्रंथों को लेकर दिया गया बयान विवादों में घिर गया है। वीडियो वायरल होने के बाद पार्टी ने खुद को उनके बयान से अलग कर लिया है और इसे व्यक्तिगत राय बताया है। महोबा में बीजेपी के जिला पंचायत अध्यक्ष जयप्रकाश अनुरागी का एक बयान राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। कुलपहाड़ तहसील के सुगिरा गांव में डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान दिए गए उनके भाषण का वीडियो सामने आया है। वीडियो में जयप्रकाश अनुरागी संविधान की बात करते हुए रामायण और गीता को लेकर टिप्पणी करते नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जहां इन ग्रंथों को घर-घर पहुंचाने की बात होती है, वहीं संविधान को लेकर वैसी पहल नहीं दिखती। उन्होंने कथावाचकों पर भी कटाक्ष करते हुए आरोप लगाया कि वे रामकथा और भागवत सुनाते हैं। लेकिन संविधान पर चर्चा से बचते हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि लोग अपने अधिकारों को लेकर जागरूक हो जाएंगे। कार्यक्रम के दौरान अनुरागी ने डॉ. भीमराव अंबेडकर के धर्म परिवर्तन का जिक्र करते हुए भावुक अंदाज में कहा कि अगर अंबेडकर की आस्था पर चोट पहुंचाई गई तो वे राजनीति छोड़ने तक को तैयार हैं।
बयान के सामने आते ही भारतीय जनता पार्टी ने इससे दूरी बना ली है। कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के महामंत्री संत विलास शिवहरे ने साफ कहा कि यह अनुरागी के व्यक्तिगत विचार हैं। पार्टी का इससे कोई संबंध नहीं है। मामले की रिपोर्ट शीर्ष नेतृत्व को भेज दी गई है। जिलाध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा ने भी बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा कि मर्यादा से हटकर की गई ऐसी टिप्पणियां स्वीकार्य नहीं हैं। इससे सामाजिक सौहार्द प्रभावित होता है।


