Maharashtra Bank Robbery: महाराष्ट्र के जलगांव जिले के भोकर गांव में स्टेट बैंक की शाखा से 27 किलो सोना और साढ़े 12 लाख रुपए की नकदी लूटने के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस वारदात का मुख्य साजिशकर्ता पुलिस विभाग से बर्खास्त उपनिरीक्षक निकला, जिसने जेल में रहते हुए ही बैंक लूट की योजना बनाई थी। पुलिस ने लूटा गया माल भी बरामद कर लिया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में बर्खास्त उपनिरीक्षक शंकर जसक, गजानन पवार, अंकुश चव्हाण और श्रवण चव्हाण शामिल हैं।
बैंक लूट की साजिश रची
शंकर जसक साल 2023 में अपने एक साथी के साथ जलगांव शहर के शनिपेठ थाना क्षेत्र में बैंक लूट के मामले में दोषी पाया गया था। इसके बाद पुलिस विभाग ने उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया था। वह तभी से जेल में बंद था। जेल में उसकी मुलाकात हत्या जैसे गंभीर मामले के आरोपी गजानन पवार से हुई। दोनों के बीच नजदीकी बढ़ी और उन्होंने जेल में ही बैंक लूट की साजिश रच डाली। योजना को अंजाम देने के लिए उन्होंने अंकुश चव्हाण और श्रवण चव्हाण को भी अपने साथ मिला लिया।
गोलीबारी करते हुए सोना व नकदी लूटी
जेल से छूटने के बाद चारों आरोपी भोकर गांव स्थित स्टेट बैंक की शाखा में घुसे। उन्होंने बैंक कर्मचारियों को हथियार दिखाकर डराया और गोलीबारी करते हुए सोना व नकदी लूट ली। इसके बाद आरोपी मौके से भाग निकले। बैंक कर्मचारियों की सतर्कता से घटना की जानकारी तुरंत गांव में फैल गई। ग्रामीणों ने भी उनका पीछा शुरू कर दिया। इस दौरान एक आरोपी विदगांव के पास ग्रामीणों के हाथ लग गया। ग्रामीणों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी की और बाकी आरोपियों की तलाश शुरू कर दी।
चारों गिरफ्तार
पुलिस ने पीछा कर चारों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से लूटा गया सोना, नकदी और बैग भी बरामद किए गए। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटना के तुरंत बाद कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को पकड़ने और लूटा गया माल बरामद करने में अहम भूमिका निभाने वाले पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत किया जाएगा। मामले की आगे जांच जारी है।

