महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बृहस्पतिवार को कहा कि मूर्तियों के आकार की तुलना में भक्ति और पर्यावरण संरक्षण अधिक महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने जोर दिया कि जिम्मेदारी से त्योहार मनाना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। वाशी स्थित सिडको प्रदर्शनी और सम्मेलन केंद्र में आयोजित पर्यावरण अनुकूल महा गणेश मूर्ति कार्यशाला 2026 में मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव जीवन के अस्तित्व के लिए प्राकृतिक तत्वों की रक्षा करना बेहद जरूरी है।
भगवान गणेश को बुद्धि का प्रतीक बताते हुए उन्होंने नागरिकों से जल प्रदूषण रोकने के लिए प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) और रासायनिक रंगों का उपयोग नहीं करने का आग्रह किया। फडणवीस ने कहा, ईश्वर का आशीर्वाद मूर्ति के आकार पर नहीं, बल्कि प्रकृति की निस्वार्थ सेवा पर निर्भर करता है। इस बड़े आयोजन के दौरान 10,000 से अधिक छात्रों ने पारंपरिक मिट्टी का उपयोग करके एक साथ गणेश मूर्तियां बनाईं।
इसके साथ ही महाराष्ट्र का नाम आधिकारिक तौर पर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हो गया। गिनीज संस्था के अधिकारियों द्वारा आधिकारिक घोषणा किए जाने के बाद मुख्यमंत्री ने भाग लेने वाले छात्रों को इस सफलता का असली हकदार बताया। उन्होंने पर्यावरण विभाग, कला निदेशालय और सर जे.जे. स्कूल ऑफ आर्ट के संयुक्त प्रयासों की भी सराहना की।

