कोरबा में भारतमाला परियोजना के तहत निर्माणाधीन उरगा-बिलासपुर मार्ग पर असामाजिक तत्वों का आतंक बढ़ गया है। टोल चालू न होने के बावजूद, इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों से ‘टेरर टैक्स’ की वसूली की जा रही है। हाल ही में, दबंगों ने मृत मवेशियों को सड़क पर रखकर वाहन चालकों से जबरन वसूली की, जिसका वीडियो वायरल होने के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ गए हैं। अब जानिए पूरा मामला रविवार को एमपी नगर की पूर्व पार्षद आशा जायसवाल की बेटी रायपुर जा रही थीं। भारतमाला मार्ग पर कुछ दबंगों ने सड़क पर मृत मवेशी रखकर उनका रास्ता रोक दिया और उनसे जबरन पैसे वसूलने की कोशिश की। इस घटना से परेशान होकर उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी किया। इसमें उन्होंने ‘टेरर टैक्स’ की बात बताते हुए पुलिस और प्रशासन से मांग की कि इस रास्ते पर हो रही अवैध वसूली और ऐसी घटनाओं को तुरंत रोका जाए, ताकि आगे कोई अनहोनी न हो। यह इस तरह की पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी वाहन चालकों से अवैध वसूली के कई वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी हैं। इन घटनाओं से सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर लगातार सवाल उठते रहे हैं। अब दिन हो या रात, इस मार्ग पर यात्रा करना वाहन चालकों के लिए भय का कारण बन गया है। इस मामले में उरगा थाना प्रभारी नवीन पटेल ने बताया कि उरगा थाना क्षेत्र में अब तक इस तरह की किसी घटना की शिकायत दर्ज नहीं हुई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि शिकायत मिलने पर मामले को गंभीरता से लिया जाएगा, जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों के अनुसार, एनएचएआई का टोल शुरू न होने का फायदा उठाकर कुछ असामाजिक तत्व सक्रिय हो गए हैं। उनका कहना है कि मृत मवेशी सड़क पर रखकर रास्ता जाम करना और फिर वसूली करना एक गंभीर समस्या बन गई है। बिजली खंभे में करंट, मवेशी की मौत, राहगीर बचा वहीं, कोरबा नगर निगम के पंप हाउस नहर किनारे बस्ती में एक बिजली के खंभे में अचानक करंट आने से हड़कंप मच गया। इस घटना में एक मवेशी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक राहगीर बाल-बाल बच गया। यह घटना रविवार सुबह लगभग 10 बजे की है। बस्ती में रहने वाला एक राहगीर सड़क किनारे से गुजर रहा था, तभी उसे बिजली का झटका लगा और वह दूर जा गिरा। उसने आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी। कुछ ही देर बाद एक दूध देने वाली भैंस उसी खंभे की चपेट में आ गई और उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। स्थानीय लोगों और मालिक में आक्रोश मवेशी मालिक मनीष यादव ने बताया कि इस घटना से उन्हें भारी नुकसान हुआ है। उनकी दूध देने वाली भैंस की कीमत 60 से 70 हजार रुपए थी। उन्होंने विद्युत विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया, क्योंकि उनके अनुसार, इस खंभे में लंबे समय से विद्युत प्रवाह हो रहा था और शिकायत के बावजूद कोई सुधार कार्य नहीं किया गया था। घटना के बाद तत्काल विद्युत प्रवाह बंद कर दिया गया और विद्युत विभाग के कर्मचारियों को सूचना दी गई। मौके पर पहुंचे कर्मचारियों ने आगे का सुधार कार्य शुरू किया। स्थानीय लोगों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सड़क किनारे होने के कारण इस खंभे की चपेट में आने से कई लोगों की जान जा सकती थी। मवेशी मालिक मनीष यादव ने अपनी भैंस की मौत के बाद क्षतिपूर्ति की मांग की है।


