भारतीय खाद्य निगम (FCI) की लापरवाही और सांठगांठ से जिले की सबसे बड़ी धानमंडी में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद की व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। मंडी में समय पर फसल की तुलाई नहीं हो रही। जबकि बड़े राजनीतिक प्रभाव वाले व्यापारी रात के अंधेरे में बारदाना (कट्टे) लेकर फसल उठा रहे हैं। छोटे व्यापारी और आम किसान बेबस नजर हैं। मंडी में गेहूं के बड़े ढेर लगे हुए हैं। वजह है व्यापारियों को कम बारदाना मिलना। व्यापारियों का आरोप है कि एफसीआई और कच्चा आढ़तिया संघ ने खुद की ही बारदाना वितरण कमेटी बना ली और अपने हिसाब से वितरण कर रहे हैं। रात में बारदाना ले जाते बड़े व्यापारी व्यापारी विष्णु शर्मा ने आरोप लगाते हुए कहा- रात को बारदाना आता है और राजनीतिक पहुंच वाले बड़े व्यापारी FCI अधिकारियों से सेटिंग करके उसी रात कट्टे ले जाते हैं। छोटे व्यापारी रोते रह जाते हैं। हमारे किसान हफ्तों से फसल तुलाई के इंतजार में बैठे हैं। फसल पैरों तले खराब हो रही है, लेकिन किसी की सुनवाई नहीं हो रही। कच्चा आढ़तिया संघ ने पहले दावा किया था कि औसत के हिसाब से सभी व्यापारियों को बारदाना मिलेगा, लेकिन हकीकत बिल्कुल उलट है। बड़े व्यापारियों के पास 15-15 हजार कट्टे एक्स्ट्रा पड़े हैं, जबकि छोटे व्यापारियों को एक भी एक्स्ट्रा कट्टा नहीं मिल रहा। किसान सस्ते दामों पर बेच रहे फसल किसान विनोद जाखड़ ने बताया- 20 दिनों से गेहूं की तुलाई नहीं हो रही। छोटे व्यापारियों को समय पर बारदाना नहीं मिल रहा, जबकि बड़े FCI के साथ मिलकर रातोंरात कट्टे ले जा रहे हैं। किसान इंतजार करते-करते परेशान होकर अपनी फसल कम भाव पर बड़े व्यापारियों को बेचने को मजबूर हो रहे हैं। किसान साब सिंह ने कहा- FCI ने कह दिया है कि खरीद का कोटा पूरा हो चुका है, आगे खरीद नहीं होगी। ऐसे में हमें मजबूरन कम दाम पर प्राइवेट में गेहूं बेचना पड़ रहा है। बाद में वही बड़े व्यापारी FCI अधिकारियों से सेटिंग करके सरकारी रेट पर बेच देते हैं। पूरा खेल छोटे व्यापारी और किसान को नुकसान पहुंचाने का है। किसान रविंद्र सिंह ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया- मेरी गेहूं की ढेरी 15 दिनों से मंडी में पड़ी हुई है। बारदाना नहीं मिल रहा। रोज सुबह आते हैं कि आज मिल जाएगा, कल मिल जाएगा, लेकिन कुछ नहीं हो रहा। सिर्फ बड़े व्यापारियों के लिए बारदाना आ रहा है। श्रीगंगानगर में बड़े स्तर पर गड़बड़ी हो रही है। क्वालिटी इंस्पेक्टर केशव गुप्ता ने कहा- अब तक धान मंडी में 10 लाख 75 हजार,972 कट्टे वितरित हो चुके हैं और 4 लाख कट्टों की लिफ्टिंग हुई है। खरीद और लिफ्टिंग व्यवस्था पूरी तरह से सही है। कच्चा आढ़तिया संघ के अध्यक्ष रायसिंह कुलड़िया ने कहा- मंडी में बारदाना वितरण करने के लिए एक कमेटी बनाई गई है। जिसने बारदाना वितरण करने का क्राइटेरिया तय किया है। जिस व्यापारी ने पिछले साल 15 हजार किवंटल गेहूं खरीद की है उसे 2 हजार कट्टे एक्स्ट्रा और जिसने 30 हजार किवंटल खरीद की है उसे 3 हजार कट्टे वितरित किए गए हैं, ताकि समय पर उठाव हो और किसानों को परेशानी नहीं हो। लिफ्टिंग भी समय पर हो रही है। प्रभावित किसान और छोटे व्यापारी अब FCI के उच्चाधिकारियों से तुरंत हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा- यदि समय रहते बारदाना वितरण सुधारा नहीं गया और धांधली पर रोक नहीं लगाई गई तो MSP खरीद की पूरी व्यवस्था ध्वस्त हो जाएगी और हजारों किसान भारी नुकसान उठाएंगे।


