उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. मनोज कुमार पांडेय ने रायबरेली के विकास भवन स्थित महात्मा गांधी सभागार में आयोजित मेधावी सम्मान समारोह में राज्य की कानून-व्यवस्था और शिक्षा के माहौल में आए सकारात्मक बदलावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अपराध पर नियंत्रण और अपराधियों में कानून का भय अब एक वास्तविकता है।मंत्री डॉ. पांडेय ने अपने दावों को पुष्ट करने के लिए एनसीआरबी (राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो) के आधिकारिक आंकड़ों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि सरकार की कठोर इच्छाशक्ति और अपराध के तुरंत बाद की गई प्रभावी कार्रवाई के परिणामस्वरूप आज प्रदेश में अपराध दर में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।डॉ. पांडेय ने जोर देकर कहा कि अपराधियों के मन में आज कानून का खौफ है, जो राज्य में शांति और सुरक्षा का प्रमुख कारण बना है। उन्होंने पुरानी स्थितियों को याद दिलाते हुए कहा कि कभी उत्तर प्रदेश में सूर्यास्त के बाद बेटियों का घर से निकलना असुरक्षित माना जाता था। 3 तस्वीरें देखिए… आज वही बेटियां और बच्चियां बेखौफ होकर अपनी शिक्षा और अन्य कार्यों के लिए घर से बाहर निकल रही हैं। यह बदलाव राज्य में सुरक्षा के बढ़ते स्तर को दर्शाता है।अपराध नियंत्रण के साथ-साथ शिक्षा पर भी जोर देते हुए डॉ. पांडेय ने कहा कि राज्य में आज पढ़ाई का एक स्वस्थ और सुरक्षित माहौल बना है। उन्होंने सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता और बेहतर माहौल सुनिश्चित करने पर निरंतर काम किया जा रहा है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी अप्रिय घटना के होने पर सरकार का रुख स्पष्ट है कि दोषियों के खिलाफ बिना किसी ढील के कठोरतम कार्रवाई की जाए।डॉ. पांडेय ने अपने संबोधन में यह संदेश दिया कि आज उत्तर प्रदेश सरकार न केवल अपराध को नियंत्रित करने में सफल रही है, बल्कि राज्य की युवा पीढ़ी के लिए एक सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण भी तैयार किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कानून-व्यवस्था और शिक्षा का यह तालमेल ही विकसित उत्तर प्रदेश की आधारशिला है।


