टीकमगढ़ में भाजपा युवा मोर्चा कार्यकर्ता के आरोपों के बाद पूर्व विधायक राकेश गिरी ने सोमवार को अपनी सफाई पेश की है। उन्होंने अंकित पाराशर द्वारा लगाए गए आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया। गिरी का कहना है कि अंकित पाराशर ने 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा छोड़कर कांग्रेस की सदस्यता ले ली थी। पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि कांग्रेसी नेताओं के इशारे पर ही अंकित ने उनके खिलाफ झूठे आरोप लगाए हैं। गिरी ने स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी इस कांग्रेसी कार्यकर्ता को प्रताड़ित नहीं किया और न ही वह भाजपा का कार्यकर्ता है। दरअसल, यह विवाद रविवार को ग्राम पंचायत हीरानगर में प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ कार्यक्रम के प्रसारण के दौरान शुरू हुआ। पूर्व विधायक राकेश गिरी के अनुसार, कांग्रेसी कार्यकर्ता अंकित पाराशर ने कार्यक्रम के दौरान हंगामा किया था। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे समझाकर शांत कराया और उसके घर भेज दिया। इसके बाद अंकित पाराशर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया। इस वीडियो में उसने खुद को भारतीय जनता युवा मोर्चा का कार्यकर्ता बताते हुए पूर्व विधायक राकेश गिरी पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। अंकित ने यह भी कहा कि वह प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या करने जा रहा है। राकेश गिरी ने अंकित पाराशर के कांग्रेस में शामिल होने की तस्वीरें भी पेश कीं। उन्होंने बताया कि अंकित ने वर्तमान विधायक यादवेन्द्र सिंह की उपस्थिति में 2023 में कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी। गिरी ने इसे अपने राजनीतिक विरोधियों द्वारा उन्हें बदनाम करने की चाल बताया। उन्होंने कहा कि झूठे और मनगढ़ंत आरोप लगाने तथा खुद को झूठा भाजपा कार्यकर्ता बताने वाले अंकित पाराशर के खिलाफ वे कानूनी कार्रवाई करेंगे।


