दरभंगा स्थित ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय में कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी की अध्यक्षता में सिंडिकेट की महत्वपूर्ण बैठक हाइब्रिड मोड में आयोजित की गई। कुलपति आवासीय सभाकक्ष में आयोजित इस बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक और शैक्षणिक निर्णय लिए गए। बैठक में कुलसचिव डॉ. दिव्या रानी हांसदा सहित कई सिंडिकेट सदस्य ऑफलाइन और ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए। बैठक की शुरुआत में कुलपति ने स्नातकोत्तर कक्षाओं में नामांकन से संबंधित पोर्टल का विधिवत शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि बिहार के परंपरागत विश्वविद्यालयों में खेल निदेशालय स्थापित करने वाला लनामिवि पहला विश्वविद्यालय बन गया है। उन्होंने बताया कि खेल निदेशालय के अंतर्गत पांच प्रकार के कोर्स संचालित किए जाएंगे। फिलहाल स्थानीय स्तर पर निदेशक की नियुक्ति की गई है, जबकि आने वाले दो साल के बाद एनसीटीई के मानकों के अनुरूप प्रोफेशनल निदेशक की नियुक्ति की जाएगी, जिनके पास खेल क्षेत्र में 15 साल का अनुभव होना आवश्यक होगा। शिक्षा से जुड़े विशेषज्ञों से सुझाव भी लिए जाएंगे कुलपति ने यह भी जानकारी दी कि कुलाधिपति की स्वीकृति मिलने के बाद विश्वविद्यालय में पहली बार शैक्षणिक सीनेट की बैठक आने वाले 24, 25 या 30 जून को आयोजित की जाएगी। इस बैठक में विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों पर व्यापक चर्चा की जाएगी और शिक्षा से जुड़े विशेषज्ञों से सुझाव भी लिए जाएंगे। चयन समिति की अनुशंसाओं को स्वीकृति दी सिंडिकेट बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि विश्वविद्यालय में अतिथि शिक्षकों के नवीनीकरण की प्रक्रिया इसी सप्ताह प्रारंभ की जाएगी। साथ ही मनोविज्ञान, गृह विज्ञान, अर्थशास्त्र, हिंदी, अंग्रेजी, वाणिज्य, भूगोल और वनस्पति विज्ञान विषयों में आयोजित चयन समिति की अनुशंसाओं को स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में कादिराबाद स्थित विश्वविद्यालय की होमगार्ड परिसर वाली भूमि पर भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड की ओर से निर्माण काम के लिए मांगे गए एनओसी पर सहमति नहीं दी गई। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया कि उक्त भूमि डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम डब्ल्यूआईटी परिसर की है, जहां छात्राओं के लिए छात्रावास और खेल मैदान निर्माण का प्रस्ताव है। इसके अलावा, प्रो. दिलीप कुमार चौधरी की ओर से होमगार्ड को भाड़े पर दी गई भूमि को वापस लेने के प्रस्ताव पर भी सकारात्मक विचार किया गया। वहीं डॉ. बैद्यनाथ चौधरी ‘बैजू’ ने सभी कॉलेजों में अलग परीक्षा भवन निर्माण का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजने की मांग उठाई, ताकि शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित न हों। उन्होंने आउटसोर्स कर्मियों के वेतन भुगतान के मुद्दे पर भी राज्य सरकार का ध्यान आकृष्ट करने की बात कही। बैठक में पिछले सिंडिकेट, वित्त समिति और खेल निदेशालय की प्रबंध समिति के निर्णयों की भी संपुष्टि की गई। कार्यक्रम का संचालन और धन्यवाद ज्ञापन कुलसचिव डॉ. दिव्या रानी हांसदा ने किया। दरभंगा स्थित ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय में कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी की अध्यक्षता में सिंडिकेट की महत्वपूर्ण बैठक हाइब्रिड मोड में आयोजित की गई। कुलपति आवासीय सभाकक्ष में आयोजित इस बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक और शैक्षणिक निर्णय लिए गए। बैठक में कुलसचिव डॉ. दिव्या रानी हांसदा सहित कई सिंडिकेट सदस्य ऑफलाइन और ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए। बैठक की शुरुआत में कुलपति ने स्नातकोत्तर कक्षाओं में नामांकन से संबंधित पोर्टल का विधिवत शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि बिहार के परंपरागत विश्वविद्यालयों में खेल निदेशालय स्थापित करने वाला लनामिवि पहला विश्वविद्यालय बन गया है। उन्होंने बताया कि खेल निदेशालय के अंतर्गत पांच प्रकार के कोर्स संचालित किए जाएंगे। फिलहाल स्थानीय स्तर पर निदेशक की नियुक्ति की गई है, जबकि आने वाले दो साल के बाद एनसीटीई के मानकों के अनुरूप प्रोफेशनल निदेशक की नियुक्ति की जाएगी, जिनके पास खेल क्षेत्र में 15 साल का अनुभव होना आवश्यक होगा। शिक्षा से जुड़े विशेषज्ञों से सुझाव भी लिए जाएंगे कुलपति ने यह भी जानकारी दी कि कुलाधिपति की स्वीकृति मिलने के बाद विश्वविद्यालय में पहली बार शैक्षणिक सीनेट की बैठक आने वाले 24, 25 या 30 जून को आयोजित की जाएगी। इस बैठक में विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों पर व्यापक चर्चा की जाएगी और शिक्षा से जुड़े विशेषज्ञों से सुझाव भी लिए जाएंगे। चयन समिति की अनुशंसाओं को स्वीकृति दी सिंडिकेट बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि विश्वविद्यालय में अतिथि शिक्षकों के नवीनीकरण की प्रक्रिया इसी सप्ताह प्रारंभ की जाएगी। साथ ही मनोविज्ञान, गृह विज्ञान, अर्थशास्त्र, हिंदी, अंग्रेजी, वाणिज्य, भूगोल और वनस्पति विज्ञान विषयों में आयोजित चयन समिति की अनुशंसाओं को स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में कादिराबाद स्थित विश्वविद्यालय की होमगार्ड परिसर वाली भूमि पर भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड की ओर से निर्माण काम के लिए मांगे गए एनओसी पर सहमति नहीं दी गई। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया कि उक्त भूमि डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम डब्ल्यूआईटी परिसर की है, जहां छात्राओं के लिए छात्रावास और खेल मैदान निर्माण का प्रस्ताव है। इसके अलावा, प्रो. दिलीप कुमार चौधरी की ओर से होमगार्ड को भाड़े पर दी गई भूमि को वापस लेने के प्रस्ताव पर भी सकारात्मक विचार किया गया। वहीं डॉ. बैद्यनाथ चौधरी ‘बैजू’ ने सभी कॉलेजों में अलग परीक्षा भवन निर्माण का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजने की मांग उठाई, ताकि शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित न हों। उन्होंने आउटसोर्स कर्मियों के वेतन भुगतान के मुद्दे पर भी राज्य सरकार का ध्यान आकृष्ट करने की बात कही। बैठक में पिछले सिंडिकेट, वित्त समिति और खेल निदेशालय की प्रबंध समिति के निर्णयों की भी संपुष्टि की गई। कार्यक्रम का संचालन और धन्यवाद ज्ञापन कुलसचिव डॉ. दिव्या रानी हांसदा ने किया।


