नालंदा में संदिग्ध हालत में मजदूर की मौत:नगर किनारे मिला शव, लू लगने की आशंका; पोस्टमार्टम में देरी से भड़के ग्रामीण

नालंदा में संदिग्ध हालत में एक मजदूर की मौत हो गई। नहर किनारे शव मिला है। मृतक की पहचान बियावानी गांव निवासी कैलू रविदास(40) के तौर पर हुई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मॉडल अस्पताल भेज दिया, लेकिन वहां डॉक्टरों की लेटलतीफी पर परिजन आक्रोशित हो गए। घटना दीपनगर थाना क्षेत्र के साठोपुर गांव की है। लू लगने से गिरने की आशंका ग्रामीण सह जदयू प्रखंड अध्यक्ष बिहार शरीफ धनंजय कुमार ने बताया कि कैलू रविदास मजदूरी करते थे। दोपहर में काम से लौटकर खाना खाने घर आ रहे थे। आशंका है कि तेज धूप और लू की चपेट में आने से वे बेहोश होकर गिर पड़े। सिर में चोट लगने और भीषण गर्मी के कारण मौके पर ही उनकी मौत हो गई। शाम को जब गांव के लोग मवेशी लेकर खेत की ओर जा रहे थे, तब उन्होंने शव देखा। इसके बाद परिजन शव को घर ले आए।
अस्पताल में लापरवाही बरतने का आरोप शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल लाए जाने पर भारी लापरवाही का मामला सामने आया। बियावानी पंचायत के मुखिया प्रमोद यादव ने आरोप लगाते हुए कहा कि शाम को शव को अस्पताल लाया गया था। डीएम के आदेश के बावजूद डॉक्टर कागजी कमियों का बहाना बनाकर पोस्टमार्टम टालते रहे। यह पूर्व मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री का गृह जिला है, फिर भी सिस्टम की इस लापरवाही के कारण गरीब आदमी दर-दर भटकने को मजबूर है। लिखित आवेदन के आधार पर की जाएगी कार्रवाई वहीं, इस संबंध में दीपनगर थानाध्यक्ष सुमन कुमार ने बताया कि घटना की सूचना पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची थी। मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। परिजनों की ओर से लिखित आवेदन मिलने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नालंदा में संदिग्ध हालत में एक मजदूर की मौत हो गई। नहर किनारे शव मिला है। मृतक की पहचान बियावानी गांव निवासी कैलू रविदास(40) के तौर पर हुई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मॉडल अस्पताल भेज दिया, लेकिन वहां डॉक्टरों की लेटलतीफी पर परिजन आक्रोशित हो गए। घटना दीपनगर थाना क्षेत्र के साठोपुर गांव की है। लू लगने से गिरने की आशंका ग्रामीण सह जदयू प्रखंड अध्यक्ष बिहार शरीफ धनंजय कुमार ने बताया कि कैलू रविदास मजदूरी करते थे। दोपहर में काम से लौटकर खाना खाने घर आ रहे थे। आशंका है कि तेज धूप और लू की चपेट में आने से वे बेहोश होकर गिर पड़े। सिर में चोट लगने और भीषण गर्मी के कारण मौके पर ही उनकी मौत हो गई। शाम को जब गांव के लोग मवेशी लेकर खेत की ओर जा रहे थे, तब उन्होंने शव देखा। इसके बाद परिजन शव को घर ले आए।
अस्पताल में लापरवाही बरतने का आरोप शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल लाए जाने पर भारी लापरवाही का मामला सामने आया। बियावानी पंचायत के मुखिया प्रमोद यादव ने आरोप लगाते हुए कहा कि शाम को शव को अस्पताल लाया गया था। डीएम के आदेश के बावजूद डॉक्टर कागजी कमियों का बहाना बनाकर पोस्टमार्टम टालते रहे। यह पूर्व मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री का गृह जिला है, फिर भी सिस्टम की इस लापरवाही के कारण गरीब आदमी दर-दर भटकने को मजबूर है। लिखित आवेदन के आधार पर की जाएगी कार्रवाई वहीं, इस संबंध में दीपनगर थानाध्यक्ष सुमन कुमार ने बताया कि घटना की सूचना पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची थी। मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। परिजनों की ओर से लिखित आवेदन मिलने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।  

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