राघव चड्ढा के BJP जॉइन के बीच कुमार विश्वास का पोस्ट वायरल, ‘महाभारत’ की इन पंक्तियां से दिया बड़ा संकेत?

राघव चड्ढा के BJP जॉइन के बीच कुमार विश्वास का पोस्ट वायरल, ‘महाभारत’ की इन पंक्तियां से दिया बड़ा संकेत?

Kumar Vishwas Reaction On Raghav Chadha Join BJP: आम आदमी पार्टी (AAP) के दिग्गज नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने अपनी जिंदगी का वो बड़ा फैसला लिया, जिसे सुनते ही हर कोई हैरान रह गया। उन्होंने केजरीवाल का साथ छोड़कर बीजेपी की कमान संभाल ली। जैसे ही राघव बीजेपी में शामिल हुए दिल्ली से पंजाब तक सियासी घमासान मच गया। सोशल मीडिया पर लोग इसे अलग-अलग नजरिये से देखने लगे और कमेंट करने लगे। इसी बीच इस पूरे घटनाक्रम पर कभी ‘आप’ के संस्थापक सदस्य रहे और मशहूर कवि कुमार विश्वास ने एक बार फिर अपने पुराने अंदाज में तंज कसा है। उन्होंने अपनी एक पुरानी कविता को री-पोस्ट करते हुए विरोधियों और पार्टी नेतृत्व पर तीखा निशाना साधा है।

कुमार विश्वास ने राघव के जाने पर किया पोस्ट? (Kumar Vishwas Reaction On Raghav Chadha Join BJP)

“विदुर का भीष्म का पद अश्रु-प्रक्षालन नहीं भूला, कठिन-व्रत द्रोण-इंगित तपस्पथ-चालन नहीं भूला, कुटिल लाक्षागृहों के फेर में तूणीर टांगा हैं, मगर शर का प्रखर हत लक्ष्य संचालन नहीं भूला..!” ये लाइनें कुमार विश्वास द्वारा अक्सर सुनाई जाने वाली वीर रस की कविता का हिस्सा हैं, जो महाभारत के संदर्भ में भीष्म, द्रोण और विदुर के चरित्र व संघर्ष को दर्शाती हैं।

Kumar Vishwas Reaction On Raghav Chadha Join BJP

“विदुर का भीष्म का पद अश्रु-प्रक्षालन नहीं भूला”- इसका मतलब है जब दुर्योधन ने कृष्ण का अपमान किया, तब विदुर ने दुखी होकर कृष्ण के चरणों को अपने आंसुओं से धोया था। कुमार विश्वास के सोशल मीडिया हैंडल से गूंजती इन पंक्तियों ने दिल्ली से पंजाब तक की सियासत में आग लगा दी। कुमार विश्वास का इस पूरे घटनाक्रम से सीधे तौर पर कोई लेना-देना है या नहीं। अभी इस पर कुछ स्पष्ट नहीं कहा जा सकता लेकिन लोगों का कहना है कि उन्होंने इसी संदर्भ में ये पोस्ट शेयर किया है।

केजरीवाल के लिए बड़ा झटका (Kumar Vishwas Tweet On Mahabharat Lines)

राघव चड्ढा सिर्फ एक सांसद नहीं, बल्कि आम आदमी पार्टी का युवा और पढ़ा-लिखा चेहरा थे। उनका साथ छोड़ना अरविंद केजरीवाल के लिए एक बड़ा व्यक्तिगत और राजनीतिक झटका माना जा रहा है। कुमार विश्वास अक्सर केजरीवाल पर तानाशाही और पुराने साथियों को धोखा देने का आरोप लगाते रहे हैं। जिस समय पार्टी को सबसे ज्यादा एकजुटता की जरूरत थी, उसी समय राघव चड्ढा, संदीप पाठक और स्वाति मालीवाल जैसे करीबियों का दूर जाना पार्टी की जड़ों को हिला देने वाली घटना है।

Kumar Vishwas Reaction On Raghav Chadha Join BJP

एक साथ कई सांसदों ने छोड़ा साथ

आम आदमी पार्टी के लिए मुश्किलें यहीं खत्म नहीं हो रही हैं। राघव चड्ढा के साथ-साथ संदीप पाठक, विक्रमजीत सिंह साहनी, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता और स्वाति मालीवाल जैसे राज्यसभा सांसदों ने भी पार्टी से किनारा कर लिया है। इनमें से राघव और संदीप पाठक समेत चार सांसद तो बीजेपी का दामन भी थाम चुके हैं।

कुमार विश्वास का यह कथित संकेत साफ है- वह वर्षों से जिस ‘काल चक्र’ और नैतिक पतन की चेतावनी दे रहे थे, अब वह पार्टी के सामने खड़ा है। उनके समर्थकों का मानना है कि यह कविता महज साहित्य नहीं, बल्कि उस गुस्से का इजहार है जो लंबे समय से दबा हुआ था। फिलहाल, ‘आप’ के खेमे में इस कविता और बड़े नेताओं के जाने से सन्नाटा पसरा है।

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