केरल हाई कोर्ट ने गुरुवार को कोच्चि के एक जज को अग्रिम जमानत दे दी। उन पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था, क्योंकि उनके 17 वर्षीय बेटे ने कथित तौर पर मर्सिडीज-बेंज कार से एक स्कूटर को टक्कर मार दी थी, जिससे कोच्चि में सड़क किनारे खाना बेचने वाले 55 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई थी। न्यायमूर्ति कौसर एडप्पागाथ की एकल-न्यायाधीश पीठ ने कहा कि जांचकर्ताओं ने न्यायिक अधिकारी से पहले ही चार घंटे तक पूछताछ कर ली है, और न्यायाधीश जांच में सहयोग करेंगे। जस्टिस एडप्पागाथ ने कहा हिरासत में लेकर पूछताछ करने की कोई गुंजाइश नहीं है। उन्हें सुरक्षा दी जानी चाहिए। वह एक न्यायिक अधिकारी हैं और वे सहयोग करेंगे। पुलिस ने उनसे चार घंटे तक पूछताछ की थी। यह अंतरिम राहत उस घटना के एक दिन बाद मिली है, जब मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल के जज से अलुवा पुलिस क्लब में क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने कई घंटों तक पूछताछ की थी। उन्हें गुरुवार को फिर से पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
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यह हादसा 25 अक्टूबर की तड़के हुआ, जिसमें कोच्चि के चित्तूर इलाके में स्ट्रीट फूड कार्ट चलाने वाले जयाबालकृष्णन की मौत हो गई। घटना स्थल से ही उस किशोर को पकड़ लिया गया था, जिसे बाद में जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने जमानत दे दी। उस पर गैर-इरादतन हत्या (जो हत्या की श्रेणी में नहीं आती) और लापरवाही से गाड़ी चलाने का मामला दर्ज किया गया है। शुक्रवार को एर्नाकुलम की एक विशेष अदालत में उस किशोर की जमानत रद्द करने की याचिका पर सुनवाई होगी। मोटर वाहन अधिनियम की धारा 199A के तहत दर्ज एक मामले में जज का नाम शामिल था। यह धारा तब लागू होती है जब कोई नाबालिग अपराध करता है, और इसके तहत वाहन के मालिक या अभिभावक के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है। इस प्रावधान में तीन साल तक की कैद, 25,000 रुपये का जुर्माना और 12 महीनों के लिए वाहन का रजिस्ट्रेशन रद्द करने की सजा का प्रावधान है। इस प्रावधान के तहत अदालत को यह मान लेना होगा कि नाबालिग ने वाहन का इस्तेमाल उसके मालिक या अपने अभिभावक की सहमति से किया था।
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राज्य सरकार ने इस जानलेवा हादसे की जांच में पुलिस की ओर से हुई चूक को स्वीकार किया है और चेरानल्लूर पुलिस स्टेशन से जुड़े चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। बुधवार को सरकार ने कोच्चि शहर के पुलिस कमिश्नर कालीराज महेश कुमार को हटा दिया और उनकी जगह 2008 बैच की भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी आर. निशांतिनी को नियुक्त किया।

