कुमरडीह स्कूल में रसोईघर का टीनशेड टूटा:बरसात में पानी भरा, छात्रों को नहीं मिला मिड-डे मील

कुमरडीह स्कूल में रसोईघर का टीनशेड टूटा:बरसात में पानी भरा, छात्रों को नहीं मिला मिड-डे मील

जमुई में गिद्धौर प्रखंड के कोल्हुआ पंचायत स्थित प्राथमिक विद्यालय कुमरडीह में मंगलवार को मध्याह्न भोजन योजना (एमडीएम) ठप हो गई। जर्जर रसोईघर के कारण बच्चों को भोजन नहीं मिल सका और उन्हें भूखे ही घर लौटना पड़ा। विद्यालय परिसर में स्थित रसोईघर की हालत बेहद खराब है। इसकी एस्बेस्टस शीट कई जगहों से टूटी हुई हैं, जिससे बारिश का पानी और सीधी धूप अंदर आती है। इस स्थिति में भोजन बनाना मुश्किल हो जाता है। इसके अतिरिक्त, रसोईघर का दरवाजा भी क्षतिग्रस्त है, जिससे सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। रसोईघर की खराब स्थिति के कारण मंगलवार को एमडीएम तैयार नहीं हो सका। इस दौरान जब शिक्षकों से उपस्थित छात्रों की संख्या के बारे में पूछा गया, तो कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई। इससे विद्यालय की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, विद्यालय के कुछ बच्चों ने बताया कि सामान्य दिनों में उन्हें नियमित रूप से भोजन मिलता है और यह समस्या केवल मंगलवार को ही हुई थी। वहीं, एक शिक्षिका ने बताया कि बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण भोजन तैयार नहीं किया जा सका था। इस घटना ने विद्यालय की व्यवस्थागत खामियों को उजागर किया है। स्थानीय अभिभावकों और ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि रसोईघर की तत्काल मरम्मत कराई जाए। उन्होंने मध्याह्न भोजन योजना को नियमित और सुरक्षित ढंग से संचालित करने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की है, ताकि बच्चों के पोषण और शिक्षा पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। जमुई में गिद्धौर प्रखंड के कोल्हुआ पंचायत स्थित प्राथमिक विद्यालय कुमरडीह में मंगलवार को मध्याह्न भोजन योजना (एमडीएम) ठप हो गई। जर्जर रसोईघर के कारण बच्चों को भोजन नहीं मिल सका और उन्हें भूखे ही घर लौटना पड़ा। विद्यालय परिसर में स्थित रसोईघर की हालत बेहद खराब है। इसकी एस्बेस्टस शीट कई जगहों से टूटी हुई हैं, जिससे बारिश का पानी और सीधी धूप अंदर आती है। इस स्थिति में भोजन बनाना मुश्किल हो जाता है। इसके अतिरिक्त, रसोईघर का दरवाजा भी क्षतिग्रस्त है, जिससे सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। रसोईघर की खराब स्थिति के कारण मंगलवार को एमडीएम तैयार नहीं हो सका। इस दौरान जब शिक्षकों से उपस्थित छात्रों की संख्या के बारे में पूछा गया, तो कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई। इससे विद्यालय की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, विद्यालय के कुछ बच्चों ने बताया कि सामान्य दिनों में उन्हें नियमित रूप से भोजन मिलता है और यह समस्या केवल मंगलवार को ही हुई थी। वहीं, एक शिक्षिका ने बताया कि बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण भोजन तैयार नहीं किया जा सका था। इस घटना ने विद्यालय की व्यवस्थागत खामियों को उजागर किया है। स्थानीय अभिभावकों और ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि रसोईघर की तत्काल मरम्मत कराई जाए। उन्होंने मध्याह्न भोजन योजना को नियमित और सुरक्षित ढंग से संचालित करने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की है, ताकि बच्चों के पोषण और शिक्षा पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।  

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