किशनगंज एसपी ने कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में किशनगंज थाना में पदस्थापित पुलिस अवर निरीक्षक आनंद मोहन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर गृहभेदन और मोटरसाइकिल चोरी से संबंधित मामलों की जांच में खानापूर्ति करने का आरोप है। इस मामले में अंचल पुलिस निरीक्षक और थानाध्यक्ष, किशनगंज से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। एसपी संतोष कुमार ने गुरुवार रात्रि जानकारी देते हुए बताया, जनवरी 2026 से अप्रैल 2026 तक किशनगंज थाना में दर्ज संपत्ति संबंधी मामलों, जैसे गृहभेदन, मोटरसाइकिल चोरी और विद्युत सामग्री की चोरी, की समीक्षा की। इस दौरान पाया गया कि सब इंस्पेक्टर आनंद मोहन ने कई मामलों में अनुसंधान के नाम पर केवल खानापूर्ति की थी। आनंद मोहन ने निर्धारित कानूनी अवधि से पहले ही कई मामलों को ‘सत्य-सूत्रहीन’ बताते हुए अंतिम प्रतिवेदन जमा कर दिया था। एसपी ने इसे कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, मनमानापन, स्वेच्छाचारिता और संदिग्ध आचरण के साथ-साथ विभागीय व कानूनी नियमों का उल्लंघन माना। सामान्य जीवन यापन भत्ता मिलेगा इन्हीं आरोपों के चलते सब इंस्पेक्टर आनंद मोहन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और उन्हें सामान्य जीवन यापन भत्ता दिया जाएगा। उन्हें सात दिनों के भीतर विभागीय जांच (कार्यवाही) के विरुद्ध अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश भी दिया गया है। इसके अतिरिक्त, सब इंस्पेक्टर आनंद मोहन द्वारा मामलों का निष्पादन निर्धारित विधिक अवधि से पूर्व ही अंतिम प्रतिवेदन समर्पित करने के संदर्भ में अंचल पुलिस निरीक्षक किशनगंज एवं थानाध्यक्ष, किशनगंज की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। उनकी कार्रवाई को विधिक प्रावधानों के विपरीत और कर्तव्य के प्रति मात्र खानापूर्ति माना गया है, जिसके आरोप में उनसे भी स्पष्टीकरण की मांग की गई है। काम में लापरवाही मिलने पर होगी कार्रवाई किशनगंज पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कर्तव्य निर्वहन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता या भ्रष्ट आचरण के प्रति “शून्य सहिष्णुता” की नीति अपनाई गई है। दोषी पाए जाने वाले किसी भी पदाधिकारी या कर्मी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। किशनगंज एसपी ने कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में किशनगंज थाना में पदस्थापित पुलिस अवर निरीक्षक आनंद मोहन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर गृहभेदन और मोटरसाइकिल चोरी से संबंधित मामलों की जांच में खानापूर्ति करने का आरोप है। इस मामले में अंचल पुलिस निरीक्षक और थानाध्यक्ष, किशनगंज से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। एसपी संतोष कुमार ने गुरुवार रात्रि जानकारी देते हुए बताया, जनवरी 2026 से अप्रैल 2026 तक किशनगंज थाना में दर्ज संपत्ति संबंधी मामलों, जैसे गृहभेदन, मोटरसाइकिल चोरी और विद्युत सामग्री की चोरी, की समीक्षा की। इस दौरान पाया गया कि सब इंस्पेक्टर आनंद मोहन ने कई मामलों में अनुसंधान के नाम पर केवल खानापूर्ति की थी। आनंद मोहन ने निर्धारित कानूनी अवधि से पहले ही कई मामलों को ‘सत्य-सूत्रहीन’ बताते हुए अंतिम प्रतिवेदन जमा कर दिया था। एसपी ने इसे कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, मनमानापन, स्वेच्छाचारिता और संदिग्ध आचरण के साथ-साथ विभागीय व कानूनी नियमों का उल्लंघन माना। सामान्य जीवन यापन भत्ता मिलेगा इन्हीं आरोपों के चलते सब इंस्पेक्टर आनंद मोहन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और उन्हें सामान्य जीवन यापन भत्ता दिया जाएगा। उन्हें सात दिनों के भीतर विभागीय जांच (कार्यवाही) के विरुद्ध अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश भी दिया गया है। इसके अतिरिक्त, सब इंस्पेक्टर आनंद मोहन द्वारा मामलों का निष्पादन निर्धारित विधिक अवधि से पूर्व ही अंतिम प्रतिवेदन समर्पित करने के संदर्भ में अंचल पुलिस निरीक्षक किशनगंज एवं थानाध्यक्ष, किशनगंज की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। उनकी कार्रवाई को विधिक प्रावधानों के विपरीत और कर्तव्य के प्रति मात्र खानापूर्ति माना गया है, जिसके आरोप में उनसे भी स्पष्टीकरण की मांग की गई है। काम में लापरवाही मिलने पर होगी कार्रवाई किशनगंज पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कर्तव्य निर्वहन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता या भ्रष्ट आचरण के प्रति “शून्य सहिष्णुता” की नीति अपनाई गई है। दोषी पाए जाने वाले किसी भी पदाधिकारी या कर्मी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।


