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तिरुवनंतपुरम, 30 सितंबर केरलम की राजधानी स्थित ‘यूनिवर्सिटी मेन्स हॉस्टल’ के पास युवा कांग्रेस और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) कार्यकर्ताओं के बीच बुधवार शाम भारी झड़प हो गई, जिसमें दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर पथराव किया और जलती हुई मशालें फेंकीं। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और हॉस्टल के भीतर प्रवेश करना पड़ा। पलायम स्थित विश्वविद्यालय के पुरुष छात्रावास के निकट युवा कांग्रेस और एसएफआई कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई।
दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर पथराव और जलती मशालें फेंकी, जिसके बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़कर स्थिति को नियंत्रित किया। यह हिंसा मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर महाधिवक्ता कार्यालय की ओर युवा कांग्रेस के मार्च के दौरान हुई। विपक्ष के नेता पिनराई विजयन ने बुधवार को आरोप लगाया कि छात्रावास में हुई हिंसा युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं का एकतरफा हमला था और दावा किया कि छात्रावास के अंदर एसएफआई के सदस्यों और छात्रों को निशाना बनाया गया।
युवा कांग्रेस ने इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। एक अन्य घटना में, भारतीय जनता युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं ने स्थानीय स्वशासन मंत्री के. एम. शाजी की सरकारी गाड़ी रोक दी। बाद में मंत्री जिस ऑटोरिक्शा में सवार हुए, उसे भी प्रदर्शनकारियों ने रोक लिया, जिसके बाद उन्हें कुछ दूर पैदल चलना पड़ा।
आईयूएमएल नेता शाजी सचिवालय से अपने सरकारी आवास जा रहे थे, तभी वानरॉस जंक्शन के पास युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं ने उनकी गाड़ी रोक दी। वह बिना पायलट या एस्कॉर्ट वाहन के यात्रा कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों के सड़क पर बैठने के बाद शाजी उनसे बात करने के लिए गाड़ी से उतरे।
बाद में ऑटोरिक्शा रोके जाने पर वह सुरक्षाकर्मी के साथ पैदल चले। यह घटना राज्य में बढ़े हुए राजनीतिक तनाव के बीच हुई है, जो हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की कोल्लम यात्रा के दौरान उनके खिलाफ दिखाए गए काले झंडों के विरोध के बाद पैदा हुआ था। युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शाह के काफिले को काले झंडे दिखाए थे, जिसके बाद भाजपा और युवा मोर्चा ने मुख्यमंत्री वी डी सतीशन और उनके कैबिनेट सहयोगियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों की एक शृंखला शुरू कर दी।

