इविवि में आमरण अनशन चौथे दिन भी जारी:2 छात्रों की हालत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती

इविवि में आमरण अनशन चौथे दिन भी जारी:2 छात्रों की हालत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती

इलाहाबाद विश्वविद्यालय में फीस वृद्धि, सीटों में कटौती और अन्य छात्रहित की मांगों को लेकर चल रहा आमरण अनशन शुक्रवार को चौथे दिन भी जारी है। छात्र विश्वविद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार के पास धरने पर बैठे हैं। उनका कहना है कि जब तक मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। मेडिकल जांच के दौरान दो छात्रों की हालत बिगड़ी गुरुवार को अनशनरत छात्रों की मेडिकल जांच की गई। जांच के दौरान दो छात्रों की तबीयत खराब पाई गई। कमजोरी और स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के बाद दोनों छात्रों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। छात्रों का कहना है कि लगातार भूख हड़ताल के कारण कई अनशनकारियों की हालत कमजोर हो रही है। इसके बावजूद छह छात्र अभी भी आमरण अनशन पर डटे हुए हैं। छात्रों ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य संबंधी कठिनाइयों के बावजूद वे मांगें पूरी होने तक पीछे नहीं हटेंगे। वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें उठा रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन पर मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। छह छात्र अब भी आमरण अनशन पर आंदोलन के शुरुआती चरण में आठ छात्रों ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी। गुरुवार को दो छात्रों की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद छह छात्र अनशन स्थल पर डटे हुए हैं।
छात्रों की प्रमुख मांगों में फीस वृद्धि वापस लेना, सीटों में कटौती का समाधान, विश्वविद्यालय के स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था में सुधार, जर्जर लाइब्रेरी की समस्या दूर करना, स्थायी कुलानुशासक की नियुक्ति, नई लाइब्रेरी की व्यवस्था और सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन शामिल है। कुलसचिव की गाड़ी रोकने पर नौ छात्रों पर एफआईआर इधर, विश्वविद्यालय प्रशासन ने कुलसचिव की गाड़ी रोकने के मामले में नौ नामजद छात्रों समेत अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ कर्नलगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। यह कार्रवाई प्रभारी कुलानुशासक प्रो. पवन कुमार शर्मा की तहरीर पर की गई। तहरीर के मुताबिक, मंगलवार शाम कुछ छात्रों और बाहरी लोगों ने विश्वविद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार को अवरुद्ध कर दिया था। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने कुलसचिव की गाड़ी रोक ली और उन्हें वाहन से उतरने के लिए मजबूर किया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे सामान्य आवागमन और शैक्षणिक गतिविधियों में बाधा बताते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की है। एफआईआर में गौरव कुमार, आशुतोष मौर्य, अनुराग यादव, प्रियांशु भुरतिया, आयुष यादव, अमित यादव, रोशन कुमार, राकेश कुमार और ऋषिकेश को नामजद किया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक अरिहंत जैन को सौंपी गई है।

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