जगपुरा| कोटा जिले के प्रसिद्ध आलनिया बांध में इन दिनों जांघिल (एशियन ओपनबिल स्टॉर्क) पक्षियों ने अपना डेरा डाल रखा है। बांध में जलस्तर कम होने से यह पक्षी उथले पानी में उतरकर अपनी लंबी चोंच से आसानी से मछलियों का शिकार कर रहे हैं। सुबह और शाम के समय इनकी चहल-कदमी और शिकार की गतिविधियां पर्यटकों व प्रकृति प्रेमियों के लिए खास आकर्षण बनी हुई है। जांघिल अपनी अनोखी चोंच के कारण दूर से ही पहचाने जाते हैं। यह प्रजाति भारत के अलावा श्रीलंका, चीन, वियतनाम जैसे देशों में भी पाई जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार जलस्तर कम होने पर इन पक्षियों को भोजन आसानी से मिल जाता है। मछली, घोंघे इनका भोजन है। लंबी चोंच, झुंड में रहना इनकी विशेषता है। विदित रहे, पिछली बारिश में आलनिया बांध लबालब हो जाने से इस पर चादर चलने लगी थी। इसकी भराव क्षमता 33 फीट है। वर्तमान में आरक्षित होने के कारण 15 फीट ही पानी बचा है। इसका पानी निचले क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए दिया जाता है। बांध में जलस्तर कम हो जाना चिंता का विषय है, वहीं यह पक्षियों के लिए भोजन की उपलब्धता बढ़ाकर प्राकृतिक दृश्य भी प्रस्तुत कर रहा है।


