भीषण गर्मी और लगातार गिरते भूजल स्तर के बीच विकासखंड रामपुरा का ग्राम मल्हानपुरा जल संरक्षण की अनूठी मिसाल बनकर उभर रहा है। गांव में निर्मित “जल तारा” संरचनाएं वर्षा जल संचयन और भूजल पुनर्भरण की दिशा में प्रभावी पहल साबित हो रही हैं। शनिवार को जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय एवं पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने गांव पहुंचकर जल तारा संरचनाओं का निरीक्षण किया तथा जल सहेलियों के कार्यों की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।
ग्राम मल्हानपुरा में अब तक चार जल तारा संरचनाएं तैयार की जा चुकी हैं, जिनके माध्यम से वर्षा जल को संरक्षित कर भूगर्भ में पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि जल तारा केवल एक संरचना नहीं, बल्कि भविष्य के जल संकट से निपटने का टिकाऊ समाधान है। इससे भूजल स्तर में वृद्धि होगी और जलभराव व मृदा अपरदन जैसी समस्याओं में भी कमी आएगी। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देने में महिलाओं की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है और जल सहेलियां इस दिशा में प्रेरणादायक भूमिका निभा रही हैं। पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। जल सहेलियों द्वारा किए जा रहे प्रयास गांवों को जल सुरक्षित बनाने के साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए भी अमूल्य धरोहर सिद्ध होंगे।
परमार्थ संस्था के सहयोग से वीबीजी राम जी योजना के अंतर्गत जनपद में एक हजार जल तारा संरचनाओं के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इनमें से अब तक 150 जल तारा संरचनाएं तैयार की जा चुकी हैं। इन संरचनाओं के जरिए वर्षा जल को संरक्षित कर धरती में समाहित किया जा रहा है, जिससे भूजल भंडार का पुनर्भरण सुनिश्चित हो सके। इस दौरान जल सहेलियों ने जल तारा की कार्यप्रणाली, रखरखाव और उसके लाभों की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि नियमित सफाई, सिल्ट हटाने, फिल्टर परतों की जांच और जल प्रवाह की निगरानी से इन संरचनाओं को लंबे समय तक प्रभावी बनाए रखा जा सकता है। जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से जल संरक्षण अभियान से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि “जल है तो कल है” की भावना के साथ प्रत्येक नागरिक को वर्षा जल संचयन एवं जल संरक्षण के प्रयासों में सहभागिता निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जल तारा जैसी संरचनाएं भविष्य की जल सुरक्षा की मजबूत आधारशिला साबित होंगी।
इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख रमपुरा अजीत सिंह सेंगर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एच.एन. प्रसाद, उप जिलाधिकारी विनय कुमार मौर्य, डीसी मनरेगा रामेन्द्र सिंह, परियोजना निदेशक अखिलेश तिवारी, डीडीओ प्रशांत पाण्डेय, परमार्थ संस्था के संजय कुमार एवं वरुण सिंह सहित बड़ी संख्या में जल सहेलियां मौजूद रहीं।


