जैसलमेर. उम्र बढ़ने के साथ कदम भले धीमे पड़ गए हों, लेकिन लोकतंत्र में भागीदारी का उत्साह कम नहीं हुआ। नगर परिषद चुनाव के मतदान दिवस पर शहर के विभिन्न मतदान केंद्रों पर ऐसे कई बुजुर्ग मतदाता पहुंचे, जिनके लिए मतदान केवल अधिकार नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी नजर आया। किसी ने बेटे का हाथ थामा, किसी को परिवार के सदस्य सहारा देकर बूथ तक लाए तो कोई छड़ी के सहारे धीरे-धीरे मतदान केंद्र तक पहुंचा। सुबह मतदान शुरू होने के साथ ही कई केंद्रों पर बुजुर्ग मतदाताओं की मौजूदगी दिखाई दी। परिजन उन्हें घर से लेकर मतदान केंद्र पहुंचे। केंद्र के बाहर कुछ देर आराम करने के बाद वे अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। उम्र और शारीरिक कमजोरी के बावजूद मतदान को लेकर उनके उत्साह में कमी नहीं दिखी।
78 वर्षीय हरिसिंह को उनका बेटा मतदान केंद्र तक लेकर पहुंचा। मतदान के बाद उन्होंने कहा कि जब तक शरीर साथ देता है, वोट डालने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उनके लिए मतदान रोजमर्रा के काम से पहले पूरा किया जाने वाला जरूरी काम था। 82 वर्षीय जमनादेवी परिवार के सदस्यों के साथ मतदान केंद्र पहुंचीं। चलने में परेशानी होने पर परिजनों ने उन्हें सहारा दिया। मतदान के बाद उनके चेहरे पर संतोष नजर आया। परिवार के सदस्यों ने बताया कि उन्होंने सुबह ही मतदान करने की इच्छा जताई थी। कई मतदान केंद्रों पर बुजुर्ग मतदाताओं के साथ उनके पोते-पोतियां और छोटे बच्चे भी पहुंचे। बच्चे मतदान केंद्र के बाहर खड़े होकर परिवार के बुजुर्गों को वोट डालते देखते रहे। यह दृश्य लोकतंत्र की प्रक्रिया को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचाता नजर आया। 75 वर्षीय भंवरलाल ने कहा कि चुनाव में पसंद अलग हो सकती है, लेकिन मतदान करना जरूरी है। उनके साथ पहुंचे युवा परिजन भी उन्हें बूथ तक लेकर गए। बुजुर्ग मतदाता का यह उत्साह आसपास खड़े युवाओं के लिए भी प्रेरक दृश्य बना। दोपहर में गर्मी बढ़ने के बाद मतदान केंद्रों पर बुजुर्गों की आवाजाही अपेक्षाकृत कम हुई, लेकिन सुबह के समय कई केंद्रों पर उन्होंने पहले मतदान को प्राथमिकता दी। कुछ परिवारों ने बुजुर्गों को गर्मी से बचाने के लिए सुबह ही घर से निकालकर मतदान कराया।
गर्मी के बीच मतदान, मौसम ने दिन भर बदली मतदान की रफ्तार
जैसलमेर. नगर परिषद चुनाव में गर्मी ने मतदान की रफ्तार को दिनभर प्रभावित किया। सुबह हल्की ठंडक के बीच मतदान केंद्रों पर कतारें नजर आईं। बुजुर्ग, महिलाएं और युवा मतदाता सुबह जल्दी बूथ तक पहुंचे। कई लोगों ने धूप तेज होने से पहले मतदान पूरा करना बेहतर समझा। सुबह करीब नौ बजे तक कई केंद्रों पर अच्छी आवाजाही रही। परिजन बुजुर्गों को सहारा देकर मतदान केंद्र तक लाते दिखाई दिए। पहली बार वोट डालने वाले युवाओं में भी खास उत्साह नजर आया। दोपहर में धूप तेज हुई तो मतदान केंद्रों पर भीड़ घट गई। सुबह की लंबी कतारों की तुलना में कई बूथों पर इक्का-दुक्का मतदाता ही दिखाई दिए। मतदाता सुरेश ने कहा कि गर्मी से बचने के लिए उन्होंने सुबह ही मतदान कर लिया। कमला भी परिवार के साथ सुबह बूथ पहुंचीं। उनका कहना था कि सुबह का मौसम मतदान के लिए ज्यादा सुविधाजनक रहा। शाम की ओर धूप कम हुई तो मतदान केंद्रों पर फिर आवाजाही बढ़ी। अंतिम समय में कई मतदाता वोट डालने पहुंचे। मौसम ने भले मतदान का समय बदला, लेकिन पूरे दिन लोकतांत्रिक भागीदारी का उत्साह कायम रहा।

