हांसी जिला पुलिस ने बुधवार को दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। साइबर थाना हांसी ने निवेश के नाम पर 18.50 लाख रुपए की ठगी करने वाले आरोपी को पकड़ा और उससे 1.10 लाख रुपए बरामद किए। वहीं, सीआईए नारनौंद ने निर्माणाधीन 132 केवी बिजली घर से केबल चोरी के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। साइबर थाना हांसी पुलिस ने निवेश के नाम पर 18.50 लाख रुपए की साइबर ठगी के मामले में अशोक देवदिगा को गिरफ्तार किया है। अशोक देवदिगा न्यू पनवेल वेस्ट, रायगढ़, महाराष्ट्र का रहने वाला है। पुलिस ने आरोपी से 1 लाख 10 हजार रुपए बरामद किए हैं। शेयर निवेश में मोटे मुनाफे का दिया लालच सहायक उप निरीक्षक रामबिलास ने बताया कि हांसी के एक व्यक्ति ने शिकायत दी थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, मई 2025 में फेसबुक के जरिए उसकी एक व्यक्ति से दोस्ती हुई थी। इसके बाद व्हाट्सऐप पर बातचीत शुरू हुई। आरोपियों ने उसे यूएसडीटी (USDT) और शेयर ट्रेडिंग में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का लालच दिया। इसके लिए उसका ऑनलाइन ट्रेडिंग अकाउंट बनवाया गया और अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवाए गए। शिकायतकर्ता ने जून से अगस्त 2025 के बीच अलग-अलग तरीकों से कुल 18 लाख 50 हजार रुपए बताए गए बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए। बाद में उसे पता चला कि उसके साथ ठगी हुई है। पीड़ित ने एनसीआरपी (NCRP) पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज करवाई थी। साइबर थाना हांसी में मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच के दौरान आरोपी अशोक देवदिगा को गिरफ्तार कर लिया।
निर्माणाधीन बिजली घर से चुराई केबल दूसरी कार्रवाई में, सीआईए नारनौंद ने गांव किन्नर (मिर्चपुर) में निर्माणाधीन 132 केवी बिजली घर से केबल चोरी के मामले में टिंकू निवासी बास आजमशाहपुर, जिला हांसी को गिरफ्तार किया है। सीआईए नारनौंद के मुख्य सिपाही विजय कुमार ने बताया कि 3/4 अगस्त की रात अज्ञात चोरों ने निर्माणाधीन बिजली घर से कंट्रोल केबल को काटकर चोरी कर लिया था। इस संबंध में थाना नारनौंद में मामला दर्ज किया गया था। CIA टीम ने जांच के दौरान आरोपी टिंकू को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस उससे चोरी की गई केबल की बरामदगी और वारदात में शामिल अन्य आरोपियों के बारे में पूछताछ कर रही है। आरोपी को अदालत में पेश कर पांच दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया है। पुलिस का कहना है कि रिमांड के दौरान चोरी की गई केबल बरामद करने के साथ-साथ वारदात में शामिल अन्य लोगों की पहचान और उनकी भूमिका का पता लगाने का प्रयास किया जाएगा।

