गयाजी में जगजीवन कॉलेज ने मनाया ​68वां सालगिरह:जगजीवन राम की भव्य प्रतिमा का अनावरण हुआ, VC ने MA-MSC की पढ़ाई शुरू करने की घोषणा की

गयाजी में जगजीवन कॉलेज ने मनाया ​68वां सालगिरह:जगजीवन राम की भव्य प्रतिमा का अनावरण हुआ, VC ने MA-MSC की पढ़ाई शुरू करने की घोषणा की

गयाजी के जगजीवन कॉलेज ने अपना 68वां स्थापना दिवस मनाया है। स्थापना के लगभग 67 साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार कॉलेज परिसर में बाबू जगजीवन राम की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया गया। मगध विश्वविद्यालय के नवनियुक्त कुलगुरु (VC), जिन्होंने इसी विश्वविद्यालय से 1975 में इंटर किया। उन्होंने इस गौरवमयी पल का साक्षी बनकर कॉलेज की उपलब्धियों को सराहा। ​उपलब्धियों का नया कीर्तिमान और कुलगुरु की मुहर ​समारोह के दौरान कुलपति ने जगजीवन कॉलेज को मगध विश्वविद्यालय का एक ‘एसेट’ (धरोहर) करार दिया। उन्होंने खुले मंच से कहा कि यह कॉलेज विश्वविद्यालय के लिए कोई बोझ नहीं, बल्कि गौरव है। कॉलेज ने राष्ट्रीय स्तर पर NAAC मूल्यांकन में ‘B’ ग्रेड हासिल कर अपनी उपयोगिता साबित की है, जो थोड़े और अंकों के साथ ‘B+’ हो सकता था। इस मौके पर उन्होंने घोषणा की कि आने वाले दिनों में यहां अलग-अलग विषयों में एमए और एमएससी की पढ़ाई शुरू की जाएगी, जो इस इलाके के छात्रों के लिए मील का पत्थर साबित होगी। साथ ही, उन्होंने कॉलेज के उन दो होनहार छात्रों का भी विशेष जिक्र किया, जिन्हें देश के राष्ट्रपति की ओर से पुरस्कृत किया जा चुका है। ​दिवंगत प्रिंसिपल राजीव बाबू के सपनों को मिला आकार ​कॉलेज के वर्तमान हेड माल्टर प्रोफेसर डॉ. सत्येंद्र प्रजापति ने मीडिया को संबोधित करते हुए भावुक मन से विकास काम का ब्योरा दिया। उन्होंने बताया कि पूर्व उपप्राचार्य स्वर्गीय राजीव रंजन के प्रयासों से रूसा (RUSA) के तहत 2 करोड़ का फंड स्वीकृत हुआ था। उनके असमय चले जाने के बाद, डॉ. प्रजापति ने 1 जून 2022 को कमान संभाली और इन चार साल में सभी लंबित कार्यों को पूरी निष्ठा से पूरा कराया। आज इसी राशि से निर्मित शानदार मल्टीपर्पस बिल्डिंग, साइकिल स्टैंड, मानविकी भवन और चारदीवारी कॉलेज की नई तस्वीर बयां कर रहे हैं। बता दें कि इसी महीने की 30 तारीख को हेड मास्टर प्रजापति सेवानिवृत्त हो रहे है। ​करोड़ों के इंफ्रास्ट्रक्चर पर ‘जलजमाव’ का ग्रहण ​जगजीवन महाविद्यालय का एक स्याह पहलू भी है, जिसे हेड मास्टर ने बेहद भारी मन से मीडिया के सामने रखा। एक तरफ जहां करोड़ों रुपये की लागत से नया इंफ्रास्ट्रक्चर बनकर तैयार है, वहीं दूसरी तरफ कॉलेज परिसर में हो रहे भारी जलजमाव ने इस पूरी मेहनत पर पानी फेर दिया है। स्थिति इतनी विकट हो चुकी है कि कॉलेज की नई इमारतें और बुनियादी ढांचा इस गंदे पानी के कारण धीरे-धीरे बर्बाद हो रहा है। ​हेड मास्टर डॉ. सत्येंद्र प्रजापति ने इस प्रशासनिक विफलता पर गहरी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने खुलासा किया कि इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय, केंद्रीय मंत्री व पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी, नगर निगम और नगर आयुक्त तक को पत्र लिखकर गुहार लगाई है। अधिकारियों ने कागजी खानापूर्ति के लिए दौरा भी किया और कुछ अतिक्रमण भी हटाया। ​ गयाजी के जगजीवन कॉलेज ने अपना 68वां स्थापना दिवस मनाया है। स्थापना के लगभग 67 साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार कॉलेज परिसर में बाबू जगजीवन राम की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया गया। मगध विश्वविद्यालय के नवनियुक्त कुलगुरु (VC), जिन्होंने इसी विश्वविद्यालय से 1975 में इंटर किया। उन्होंने इस गौरवमयी पल का साक्षी बनकर कॉलेज की उपलब्धियों को सराहा। ​उपलब्धियों का नया कीर्तिमान और कुलगुरु की मुहर ​समारोह के दौरान कुलपति ने जगजीवन कॉलेज को मगध विश्वविद्यालय का एक ‘एसेट’ (धरोहर) करार दिया। उन्होंने खुले मंच से कहा कि यह कॉलेज विश्वविद्यालय के लिए कोई बोझ नहीं, बल्कि गौरव है। कॉलेज ने राष्ट्रीय स्तर पर NAAC मूल्यांकन में ‘B’ ग्रेड हासिल कर अपनी उपयोगिता साबित की है, जो थोड़े और अंकों के साथ ‘B+’ हो सकता था। इस मौके पर उन्होंने घोषणा की कि आने वाले दिनों में यहां अलग-अलग विषयों में एमए और एमएससी की पढ़ाई शुरू की जाएगी, जो इस इलाके के छात्रों के लिए मील का पत्थर साबित होगी। साथ ही, उन्होंने कॉलेज के उन दो होनहार छात्रों का भी विशेष जिक्र किया, जिन्हें देश के राष्ट्रपति की ओर से पुरस्कृत किया जा चुका है। ​दिवंगत प्रिंसिपल राजीव बाबू के सपनों को मिला आकार ​कॉलेज के वर्तमान हेड माल्टर प्रोफेसर डॉ. सत्येंद्र प्रजापति ने मीडिया को संबोधित करते हुए भावुक मन से विकास काम का ब्योरा दिया। उन्होंने बताया कि पूर्व उपप्राचार्य स्वर्गीय राजीव रंजन के प्रयासों से रूसा (RUSA) के तहत 2 करोड़ का फंड स्वीकृत हुआ था। उनके असमय चले जाने के बाद, डॉ. प्रजापति ने 1 जून 2022 को कमान संभाली और इन चार साल में सभी लंबित कार्यों को पूरी निष्ठा से पूरा कराया। आज इसी राशि से निर्मित शानदार मल्टीपर्पस बिल्डिंग, साइकिल स्टैंड, मानविकी भवन और चारदीवारी कॉलेज की नई तस्वीर बयां कर रहे हैं। बता दें कि इसी महीने की 30 तारीख को हेड मास्टर प्रजापति सेवानिवृत्त हो रहे है। ​करोड़ों के इंफ्रास्ट्रक्चर पर ‘जलजमाव’ का ग्रहण ​जगजीवन महाविद्यालय का एक स्याह पहलू भी है, जिसे हेड मास्टर ने बेहद भारी मन से मीडिया के सामने रखा। एक तरफ जहां करोड़ों रुपये की लागत से नया इंफ्रास्ट्रक्चर बनकर तैयार है, वहीं दूसरी तरफ कॉलेज परिसर में हो रहे भारी जलजमाव ने इस पूरी मेहनत पर पानी फेर दिया है। स्थिति इतनी विकट हो चुकी है कि कॉलेज की नई इमारतें और बुनियादी ढांचा इस गंदे पानी के कारण धीरे-धीरे बर्बाद हो रहा है। ​हेड मास्टर डॉ. सत्येंद्र प्रजापति ने इस प्रशासनिक विफलता पर गहरी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने खुलासा किया कि इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय, केंद्रीय मंत्री व पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी, नगर निगम और नगर आयुक्त तक को पत्र लिखकर गुहार लगाई है। अधिकारियों ने कागजी खानापूर्ति के लिए दौरा भी किया और कुछ अतिक्रमण भी हटाया। ​  

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