पीलीभीत में करोड़ों रुपए की कथित ठगी के मामलों में घिरे बर्खास्त संविदा कर्मचारी अरुण कुमार मौर्या की कानूनी परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। उनके खिलाफ सुनगढ़ी थाने में एक और मुकदमा दर्ज किया गया है। यह उनके खिलाफ दर्ज होने वाली पांचवीं एफआईआर बताई जा रही है। अरुण मौर्या पिछले छह दिनों से जेल में बंद हैं। ताजा मामला आगरा निवासी एक शिक्षिका की शिकायत से जुड़ा है। पीड़िता का आरोप है कि नई बस्ती निवासी अरुण कुमार मौर्या ने सितंबर 2025 में ऊंचे मुनाफे का लालच देकर उनसे, उनके पति और एक परिचित से कुल करीब 5.90 लाख रुपये निवेश के नाम पर ले लिए थे। शिकायत के अनुसार, आरोपी ने कुछ धनराशि नकद और कुछ ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त की थी। उसने कुछ महीनों में पूरी रकम वापस करने का आश्वासन दिया था, लेकिन तय समय बीतने के बाद भी मूलधन नहीं लौटाया गया। कई चेक दिए, सभी हुए बाउंस पीड़िता का आरोप है कि रकम वापस मांगने पर आरोपी लगातार टालमटोल करता रहा। दबाव बढ़ने पर उसने दो चेक दिए, लेकिन उनमें कथित त्रुटियां होने और खाते में पर्याप्त धनराशि न होने के कारण वे बाउंस हो गए। इसके बाद 14 जनवरी 2026 को आरोपी ने कथित तौर पर 3.10 लाख रुपये का एक और चेक तथा शपथ पत्र दिया, जिसमें 30 अप्रैल 2026 तक पूरी रकम लौटाने का वादा किया गया था। शिकायत के मुताबिक, यह चेक भी बैंक से अनादृत (बाउंस) हो गया। पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा पीड़िता ने बताया कि उन्होंने आरोपी के परिजनों से भी शिकायत की, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। बाद में उन्होंने पुलिस अधीक्षक से शिकायत की। इसके बाद सुनगढ़ी थाना पुलिस ने अरुण कुमार मौर्या के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। थाना प्रभारी नरेश त्यागी ने बताया कि मामले में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की सभी शिकायतों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जा रही है। आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।


