शिवहर में बेलसंड विधानसभा क्षेत्र से लोजपा (रामविलास) के विधायक अमित रानू ने राबड़ी देवी के सरकारी आवास खाली करने के विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सरकारी आवास का आवंटन व्यक्ति के पद और जिम्मेदारी के अनुसार होता है, इसलिए किसी भी सरकारी संपत्ति पर निजी अधिकार जताना उचित नहीं है। पत्रकारों से बात करते हुए विधायक अमित रानू ने स्पष्ट किया कि सरकार पद के अनुरूप ही आवास और अन्य सुविधाओं का आवंटन करती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, “जो जिस पद पर होता है, सरकार उसी हिसाब से आवास और सुविधाओं का आवंटन करती है।” पद के अनुसार सुविधाए होगी ज्यादा-कम रानू ने आगे कहा, “आज हमें पटना में आवास मिला है और उसकी स्वीकृति प्राप्त है। कल यदि हम मंत्री बनते हैं तो हमें उससे बड़ा आवास मिल सकता है, और यदि पद में बदलाव होता है तो सुविधाएं भी उसी अनुसार कम या ज्यादा हो सकती हैं। यह एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है।” सरकारी आवास पर अधिकार जताना अनुचित विधायक रानू ने जोर देकर कहा कि किसी भी सरकारी आवास या संपत्ति को अपनी निजी संपत्ति समझकर उस पर अधिकार जताना अनुचित है। उन्होंने कहा कि सरकार जिस पद के लिए जो सुविधा उपलब्ध कराती है, उसे स्वीकार करना चाहिए और नियमों का पालन करना चाहिए। अमित रानू ने कहा कि सरकारी व्यवस्था में पद के अनुरूप ही आवास आवंटित किए जाते हैं और इस व्यवस्था का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस प्रकार के विवाद पैदा ही नहीं होने चाहिए और सभी को सरकारी नियमों के अनुसार आचरण करना चाहिए। शिवहर में बेलसंड विधानसभा क्षेत्र से लोजपा (रामविलास) के विधायक अमित रानू ने राबड़ी देवी के सरकारी आवास खाली करने के विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सरकारी आवास का आवंटन व्यक्ति के पद और जिम्मेदारी के अनुसार होता है, इसलिए किसी भी सरकारी संपत्ति पर निजी अधिकार जताना उचित नहीं है। पत्रकारों से बात करते हुए विधायक अमित रानू ने स्पष्ट किया कि सरकार पद के अनुरूप ही आवास और अन्य सुविधाओं का आवंटन करती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, “जो जिस पद पर होता है, सरकार उसी हिसाब से आवास और सुविधाओं का आवंटन करती है।” पद के अनुसार सुविधाए होगी ज्यादा-कम रानू ने आगे कहा, “आज हमें पटना में आवास मिला है और उसकी स्वीकृति प्राप्त है। कल यदि हम मंत्री बनते हैं तो हमें उससे बड़ा आवास मिल सकता है, और यदि पद में बदलाव होता है तो सुविधाएं भी उसी अनुसार कम या ज्यादा हो सकती हैं। यह एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है।” सरकारी आवास पर अधिकार जताना अनुचित विधायक रानू ने जोर देकर कहा कि किसी भी सरकारी आवास या संपत्ति को अपनी निजी संपत्ति समझकर उस पर अधिकार जताना अनुचित है। उन्होंने कहा कि सरकार जिस पद के लिए जो सुविधा उपलब्ध कराती है, उसे स्वीकार करना चाहिए और नियमों का पालन करना चाहिए। अमित रानू ने कहा कि सरकारी व्यवस्था में पद के अनुरूप ही आवास आवंटित किए जाते हैं और इस व्यवस्था का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस प्रकार के विवाद पैदा ही नहीं होने चाहिए और सभी को सरकारी नियमों के अनुसार आचरण करना चाहिए।


