ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने अमेरिका के एक और ड्रोन को मार गिराया है। ईरान सेना ने रविवार को इस बात की जानकारी दी। सेना ने बताया कि उसने अमेरका का MQ-1 ड्रोन मार गिराया है।
ईरान ने इस पर आधिकारिक बयान जारी करते हुए बताया कि ड्रोन दुश्मनी भरे ऑपरेशन करने के इरादे से ईरान के समुद्री क्षेत्र में घुसा था, लेकिन उसे तुरंत पहचान लिया गया और हवाई रक्षा मिसाइलों से मार गिराया गया।
मंगलवार को भी मार गिराया था ड्रोन
इससे पहले मंगलवार को, ईरान सेना ने कहा था कि अमेरिका द्वारा किसी भी संघर्ष विराम उल्लंघन के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करने का उसका अधिकार है। साथ ही यह भी जानकरी दी कि उसने एक अमेरिका का MQ-1 ड्रोन मार गिराया था।
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरान सेना ने मंगलवार को यह भी दावा किया कि उसने एक लड़ाकू विमान पर गोलीबारी की थी जो ईरान के हवाई क्षेत्र में घुस आया था। यह तब हुआ जब अमेरिका ने कहा कि उसने ईरान पर नए आत्मरक्षा हमले किए हैं।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोमवार को ईरान पर अटैक किया था। अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान में मिसाइल लॉन्च साइटों और खदानें बिछाने वाली नावों पर हमला किया।
क्यों अमेरिका ने किया था हमला? खुद वजह बताई
CENTCOM के प्रवक्ता टिम हॉकिन्स ने एक बयान में कहा- अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान में आत्मरक्षा हमले किए ताकि हमारे सैनिकों को ईरानी सेनाओं से होने वाले खतरों से बचाया जा सके।
अमेरिकी सेना ने गुरुवार को भी ईरान में रात भर हमले किए, जिसमें एक सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया गया। वाशिंगटन ने कहा कि यह ठिकाना इस क्षेत्र में अमेरिकी सेनाओं और व्यापारिक जहाजों के लिए खतरा पैदा कर रहा था।
हमलों के बाद अमेरिका-ईरान ने क्या कहा?
अधिकारी ने इन हमलों को रक्षात्मक बताया और जोर देकर कहा कि अमेरिका-ईरान संघर्ष विराम को अभी भी कायम माना जा रहा है।
इस बीच, ईरानी समाचार एजेंसी फार्स ने बताया कि गुरुवार सुबह लगभग 1:30 बजे हॉर्मुज स्ट्रेट पर स्थित ईरानी बंदरगाह शहर बंदर अब्बास के पूर्व में तीन धमाकों की आवाज सुनी गई।


