ईरान ने कुवैत पर दागे ड्रोन्स और मिसाइलें, अमेरिकी हमले का दिया जवाब

ईरान ने कुवैत पर दागे ड्रोन्स और मिसाइलें, अमेरिकी हमले का दिया जवाब

अमेरिका (United States of America) और ईरान (Iran) के बीच जल्द ही डील होने के विषय में बातचीत जारी है और जल्द ही इस पर मुहर लग सकती है। हालांकि इस बीच ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में कुछ वाणिज्यिक जहाजों पर 4 ड्रोन्स दागे, जिन्हें अमेरिकी सेना ने मार गिराया। जवाब में अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान में एक सैन्य ठिकाने को निशाना बनाते हुए एयरस्ट्राइक कर दी और कई मिसाइलें दागीं। अमेरिकी हमले का जवाब देने के लिए ईरान ने कुवैत (Kuwait) पर हमला कर दिया है। जानकारी के अनुसार आईआरजीसी – इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC – Islamic Revolutionary Guard Corps) ने कुवैत में स्थित अमेरिकी एयरबेस पर एयरस्ट्राइक्स की है।

कुवैत का एयरडिफेंस सिस्टम एक्टिव

ईरानी हमलों के बाद कुवैत का एयरडिफेंस सिस्टम एक्टिव हो गया है। ड्रोन्स और मिसाइलों को रोकने की पूरी कोशिश की जा रही है। ईरान के हमलों से कितना नुकसान हुआ, फिलहाल इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। आईआरजीसी ने इस हमले की ज़िम्मेदारी ले ली है और इसे अमेरिकी हमले के जवाब में की गई कार्रवाई बताया है।

मिडिल ईस्ट में बढ़ेगा तनाव

पहले अमेरिका के ईरान पर हमले से और अब कुवैत पर ईरान के हमले से मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ना तय है। सीज़फायर के बावजूद इस तरह के हमले चिंताजनक हैं। अमेरिकी सेना की CENTCOM यूनिट के अनुसार जिस ईरानी सैन्य ठिकाने पर हमला किया गया, वहाँ से पांचवें ड्रोन को लॉन्च करने की तैयारी की जा रही थी।

कुवैती सेना का बयान आया सामने

ईरान के हमले के बाद कुवैती सेना का बयान सामने आ गया है। सेना ने सोशल मीडिया पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, “कुवैती एयरडिफेंस सिस्टम इस समय दुश्मन की मिसाइलों और ड्रोन्स के हमलों का सामना कर रहा है। सेना के जनरल स्टाफ ने स्पष्ट किया है कि सुनाई देने वाला कोई भी विस्फोट एयरडेफसने सिस्टम द्वारा दुश्मन के हमलों को रोकने का परिणाम है। सभी से अनुरोध है कि वो सक्षम अधिकारियों द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।”

कुवैत पर क्यों किया हमला?

कुवैत में अमेरिका का अहम अली अल सलेम एयरबेस हैं जहाँ करीब 13,000 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। युद्ध के दौरान अमेरिकी सेना ने इस एयरबेस का ईरान के खिलाफ इस्तेमाल किया था। इसी वजह से ईरान ने इस एयरबेस पर हमला किया। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कुवैत मिडिल ईस्ट में अमेरिका का अहम सहयोगी देश है।

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