धूमल ने कहा कि फिलहाल तो फॉर्मेट होम-एवे है, लेकिन हर टीम सिर्फ 7 घरेलू और 7 अवे मैच खेल रही है। 10 टीमों वाले लीग में आदर्श रूप से 9 घरेलू और 9 अवे मैच होने चाहिए। अभी लॉजिस्टिक्स की दिक्कतें और द्विपक्षीय सीरीज के लिए दिए गए वादों की वजह से ये नहीं हो पा रहा है।
IPL chairman Arun Dhumal: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के चेयरमैन अरुण धूमल ने लीग के भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया है। धूमल ने कहा कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) आईपीएल के मैचों की संख्या बढ़ाने और इसे दो चरणों में कराने पर गंभीरता से विचार कर रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले समय में सितंबर-अक्टूबर के दौरान भी आईपीएल के मैच देखने को मिल सकते हैं। हालांकि, अभी यह सिर्फ शुरुआती चर्चा के स्तर पर है और इसे अमल में लाने में कुछ समय लग सकता है।
स्पोर्ट्स स्टार को दिये गए एक इंटरव्यू में जब उनसे पूछा गया कि आईपीएल अब 10 टीमों का टूर्नामेंट बन चुका है और इसमें मैचों की संख्या बढ़ाने की चर्चा काफी समय से चल रही है। कई सालों से बोर्ड फुल होम एंड अवे फॉर्मेट की तरफ जाना चाहता है, जिसमें हर टीम को बराबर घरेलू और बाहर मैच मिलें। लेकिन आखिर ये बदलाव कब होगा?
आईपीएल के मैच बढ़ाए जाएंगे
इसपर धूमल ने कहा कि फिलहाल तो फॉर्मेट होम-एवे है, लेकिन हर टीम सिर्फ 7 घरेलू और 7 अवे मैच खेल रही है। 10 टीमों वाले लीग में आदर्श रूप से 9 घरेलू और 9 अवे मैच होने चाहिए। अभी लॉजिस्टिक्स की दिक्कतें और द्विपक्षीय सीरीज के लिए दिए गए वादों की वजह से ये नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा, “अगर आगे चलकर टूर्नामेंट के लिए थोड़ा बड़ा विंडो मिल गया और दो हफ्ते एक्स्ट्रा जोड़ने की गुंजाइश बनी, तो हम मैचों की संख्या 74 से बढ़ाकर 94 करने पर जरूर विचार करेंगे। इससे हर टीम को घर और बाहर बराबर मौके मिलेंगे।”
दो महीने लंबा टूर्नामेंट, दर्शक थक रहे हैं क्या?
आईपीएल अब दो महीने तक चलता है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या दर्शकों में अब थकान के संकेत दिखने लगे हैं? क्या टूर्नामेंट को और लंबा करना सही रहेगा? इसपर उन्होंने कहा, “मुझे ऐसा नहीं लगता।” लेकिन उन्होंने ये भी माना कि इस पर ब्रॉडकास्टर से खुलकर बात करने की जरूरत है। एक सुझाव ये भी आया है कि टूर्नामेंट सितंबर-अक्टूबर में शिफ्ट किया जाए। दीवाली से ठीक पहले ये समय विज्ञापनदाताओं के लिहाज से सबसे अच्छा माना जाता है।
धूमल ने कहा, “मौसम अब एक और बड़ी चुनौती बन गया है। मई में देश के कई हिस्सों में भयंकर गर्मी पड़ रही है। इसलिए बोर्ड फरवरी-अप्रैल का विंडो और फिर साल के आखिर में कोई दूसरा स्लॉट तलाश रहा है। हमें वो करना होगा जो क्रिकेट के हित में सबसे अच्छा हो। आईपीएल सिर्फ बीसीसीआई को नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के क्रिकेट बोर्ड्स और खिलाड़ियों को प्रभावित करता है। इसलिए हम सभी देशों के दोस्तों के साथ बैठकर वो विंडो निकालेंगे जो आईपीएल और ग्लोबल क्रिकेट दोनों के लिए ठीक हो।”
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