आईपीएल 2026 का 38वां मैच लखनऊ सुपर जाएट्ंस और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच खेला गया। इस मुकाबले में केकेआर के बल्लेबाज अंगकृष रघुवंशी पर ‘ऑब्स्ट्रक्शन ऑफ द फील्ड’ के तहत आउट दिए जाने के बाद गुस्सा दिखाने के कारण जुर्माना लगा है। इस जुर्माने के तहत उनकी मैच फीस का 20 प्रतिशत काटी गई है और उनके खाते में एक डिमैरिट अंक भी जोड़ा गया है।
बता दें कि, रघुवंशी को रविवार को लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ खेले गए आईपीएल मैच के दौरान आचार संहिता का उल्लंघन करने का दोषी पाया गया। उन्होंने केकेआर की पारी के पांचवें ओवर में घटी घटना के बाद पवेलियन लौटते समय गुस्से में सीमा रेखा पर अपना बल्ला मारा था और डग आउट में अपना हेलमेट फेंका था। हालांकि, केकेआर ने सुपर ओवर में यह मैच जीता था।
आईपीएल ने बयान में कहा, ‘‘केकेआर के विकेटकीपर बल्लेबाज अंगकृष रघुवंशी पर लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ खेले गए आईपीएल मैच के दौरान खिलाड़ियों और टीम अधिकारियों के लिए आईपीएल की आचार संहिता के लेवल 1 का उल्लंघन का दोषी पाया गया है और उन पर उनकी मैच फीस का 20 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है।’’
बयान के अनुसार, ‘‘इसके अलावा उनके खाते में एक डिमैरिट अंक भी जोड़ा गया है।’’ इसमें कहा गया है, ‘‘रघुवंशी को आईपीएल आचार संहिता के अनुच्छेद 2.2 के उल्लंघन का दोषी पाया गया है जो मैच के दौरान क्रिकेट उपकरणों या पोशाक, मैदानी उपकरणों आदि को नुकसान पहुंचाने से जुड़ा है।’’ रघुवंशी ने मैच रेफरी द्वारा लगाए गए जुर्माने को स्वीकार कर लिया है।
क्या होता है ‘ऑब्स्ट्रक्शन द फील्ड’?
क्रिकेट में ‘ऑब्स्ट्रक्शन द फील्ड’ का मतलब है मैदान पर फील्डिंग टीम के काम में टांग अड़ाना। या जब कोई बल्लेबाज जानबूझकर फील्डिंग के रास्ते में आता है उसे धक्का देता है या थ्रो की गई गेंद की दिशा को अपने बल्ले या शरीर से बदल देता है ताकि वह रन आउट होने से बच सके, तो उसे इस नियम के तहत आउट दिया जाता है। यहां सबसे जरूरी चीज बल्लेबाज का इरादा है। अगर बल्लेबाज ने ये सब जानबूझकर किया है तभी वह आउट होगा। लेकिन अगर वह खुद को चोट से बचाने के लिए या अनजाने में गेंद के सामने आ जाता है तो अंपायर उसे आउट नहीं देते हैं।


