पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के तहत आज 152 सीटों पर मतदान हो रहा है। चुनाव को शांतिपूर्ण और भयमुक्त माहौल में संपन्न कराने के लिए बिहार-बंगाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। बिहार और बंगाल पुलिस दोनों ही अलर्ट मोड पर हैं। सीमावर्ती इलाकों से गुजरने वाले दो पहिया, तीन पहिया और चार पहिया वाहनों की गहनता से जांच की जा रही है और यात्रियों से भी पूछताछ हो रही है। कटिहार जिले का रोशना थाना क्षेत्र बिहार-बंगाल सीमा पर स्थित होने के कारण चुनाव के लिहाज से काफी संवेदनशील माना जाता है। रोशना थाना से मात्र 2 से 3 किलोमीटर की दूरी पर पश्चिम बंगाल के मालदा जिले का हरिशचंद्रपुर विधानसभा क्षेत्र संख्या 46 है, जहां आज सुबह से मतदान जारी है। ऐसे में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई है। बिहार-बंगाल सीमा रेखा पर विशेष नाकाबंदी की गई कटिहार के पुलिस अधीक्षक शिखर चौधरी के निर्देश पर बिहार-बंगाल सीमा रेखा पर विशेष नाकाबंदी की गई है। एसटीएफ, बीएमपी और बिहार पुलिस की संयुक्त टीमें 24 घंटे सीमा पर मुस्तैद हैं। सीमा से आने-जाने वाले हर वाहन को रोककर उसकी डिक्की, कागजात और यात्रियों के सामान की बारीकी से तलाशी ली जा रही है। संदिग्ध दिखने पर वाहन की पूरी जांच के बाद ही उसे आगे जाने दिया जा रहा है। सीमा के दूसरी ओर पश्चिम बंगाल पुलिस भी पूरी तरह सक्रिय है। बंगाल पुलिस के जवानों ने भी जगह-जगह बैरिकेडिंग कर रखी है। दोनों राज्यों की पुलिस आपसी समन्वय से काम कर रही है और व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए पल-पल की जानकारी साझा की जा रही है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत एक-दूसरे को दी जा रही है। बॉर्डर पर ड्रोन कैमरों से भी निगरानी की जा रही पुलिस का मुख्य ध्यान शराब, नकदी और अवैध हथियारों की तस्करी को रोकने पर केंद्रित है। यह अभियान चुनाव प्रक्रिया की शुचिता बनाए रखने के लिए चलाया जा रहा है। चुनाव में मतदाताओं को लुभाने के लिए इनका इस्तेमाल होने की आशंका रहती है। इसी वजह से बॉर्डर पर ड्रोन कैमरों से भी निगरानी की जा रही है। सीमावर्ती कच्चे रास्तों पर भी पुलिस की गश्ती तेज कर दी गई है। ग्रामीणों से की निर्भीक मतदान की अपील मतदान से एक दिन पहले सीमावर्ती गांवों में अर्धसैनिक बलों और पुलिस ने संयुक्त फ्लैग मार्च निकाला था। ग्रामीणों से बिना किसी डर या प्रलोभन के मतदान करने की अपील की गई। पुलिस ने भरोसा दिलाया कि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। एसपी शिखर चौधरी ने बताया कि रोशना के अलावा बरसोई और आजमनगर थाना क्षेत्रों में भी अतिरिक्त बल की तैनाती की गई है। QRT टीम को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखा गया है। शाम 6 बजे मतदान समाप्ति तक बॉर्डर पर हाई अलर्ट जारी रहेगा। चुनाव आयोग के निर्देश पर बिहार-बंगाल की सीमा को मतदान के 48 घंटे पहले ही सील कर दिया गया था। केवल इमरजेंसी सेवाओं और वैध पास वाले वाहनों को ही आवाजाही की अनुमति है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के तहत आज 152 सीटों पर मतदान हो रहा है। चुनाव को शांतिपूर्ण और भयमुक्त माहौल में संपन्न कराने के लिए बिहार-बंगाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। बिहार और बंगाल पुलिस दोनों ही अलर्ट मोड पर हैं। सीमावर्ती इलाकों से गुजरने वाले दो पहिया, तीन पहिया और चार पहिया वाहनों की गहनता से जांच की जा रही है और यात्रियों से भी पूछताछ हो रही है। कटिहार जिले का रोशना थाना क्षेत्र बिहार-बंगाल सीमा पर स्थित होने के कारण चुनाव के लिहाज से काफी संवेदनशील माना जाता है। रोशना थाना से मात्र 2 से 3 किलोमीटर की दूरी पर पश्चिम बंगाल के मालदा जिले का हरिशचंद्रपुर विधानसभा क्षेत्र संख्या 46 है, जहां आज सुबह से मतदान जारी है। ऐसे में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई है। बिहार-बंगाल सीमा रेखा पर विशेष नाकाबंदी की गई कटिहार के पुलिस अधीक्षक शिखर चौधरी के निर्देश पर बिहार-बंगाल सीमा रेखा पर विशेष नाकाबंदी की गई है। एसटीएफ, बीएमपी और बिहार पुलिस की संयुक्त टीमें 24 घंटे सीमा पर मुस्तैद हैं। सीमा से आने-जाने वाले हर वाहन को रोककर उसकी डिक्की, कागजात और यात्रियों के सामान की बारीकी से तलाशी ली जा रही है। संदिग्ध दिखने पर वाहन की पूरी जांच के बाद ही उसे आगे जाने दिया जा रहा है। सीमा के दूसरी ओर पश्चिम बंगाल पुलिस भी पूरी तरह सक्रिय है। बंगाल पुलिस के जवानों ने भी जगह-जगह बैरिकेडिंग कर रखी है। दोनों राज्यों की पुलिस आपसी समन्वय से काम कर रही है और व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए पल-पल की जानकारी साझा की जा रही है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत एक-दूसरे को दी जा रही है। बॉर्डर पर ड्रोन कैमरों से भी निगरानी की जा रही पुलिस का मुख्य ध्यान शराब, नकदी और अवैध हथियारों की तस्करी को रोकने पर केंद्रित है। यह अभियान चुनाव प्रक्रिया की शुचिता बनाए रखने के लिए चलाया जा रहा है। चुनाव में मतदाताओं को लुभाने के लिए इनका इस्तेमाल होने की आशंका रहती है। इसी वजह से बॉर्डर पर ड्रोन कैमरों से भी निगरानी की जा रही है। सीमावर्ती कच्चे रास्तों पर भी पुलिस की गश्ती तेज कर दी गई है। ग्रामीणों से की निर्भीक मतदान की अपील मतदान से एक दिन पहले सीमावर्ती गांवों में अर्धसैनिक बलों और पुलिस ने संयुक्त फ्लैग मार्च निकाला था। ग्रामीणों से बिना किसी डर या प्रलोभन के मतदान करने की अपील की गई। पुलिस ने भरोसा दिलाया कि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। एसपी शिखर चौधरी ने बताया कि रोशना के अलावा बरसोई और आजमनगर थाना क्षेत्रों में भी अतिरिक्त बल की तैनाती की गई है। QRT टीम को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखा गया है। शाम 6 बजे मतदान समाप्ति तक बॉर्डर पर हाई अलर्ट जारी रहेगा। चुनाव आयोग के निर्देश पर बिहार-बंगाल की सीमा को मतदान के 48 घंटे पहले ही सील कर दिया गया था। केवल इमरजेंसी सेवाओं और वैध पास वाले वाहनों को ही आवाजाही की अनुमति है।


