सहारनपुर के तीतरो थाने में तैनात एक सब इंस्पेक्टर को एंटी करप्शन टीम ने 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। शिकायतकर्ता से उसके खिलाफ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय में दिए गए प्रार्थना पत्र के निस्तारण के बदले रकम मांगी गई थी। गुरुवार दोपहर हुई इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। भ्रष्टाचार निवारण संगठन सहारनपुर मंडल के निरीक्षक कुशलवीर सिंह के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान सब इंस्पेक्टर देशपाल सिंह के रूप में हुई है, जो वर्तमान में थाना तीतरो में तैनात था। वह मूल रूप से बागपत जिले के काकोर गांव का निवासी है और वर्ष 1993 से पुलिस विभाग में सेवाएं दे रहा है। जानकारी के अनुसार ग्राम असावगढ़ निवासी मुकेश कुमार पुत्र धूम सिंह ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन से शिकायत की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उसके खिलाफ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय में दिए गए एक प्रार्थना पत्र के निस्तारण के लिए दरोगा देशपाल सिंह 10 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा है। शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन टीम ने मामले की जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर टीम ने आरोपी को रंगे हाथ पकड़ने की योजना बनाई। गुरुवार को शिकायतकर्ता निर्धारित रकम लेकर पहुंचा। जैसे ही आरोपी दरोगा ने रिश्वत की रकम अपने कब्जे में ली, टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। एंटी करप्शन टीम ने आरोपी को थाना तीतरो के मुख्य गेट के सामने गुरुवार दोपहर करीब 12:27 बजे गिरफ्तार किया। कार्रवाई के दौरान टीम ने रिश्वत में दी गई रकम बरामद कर ली और आवश्यक साक्ष्य भी एकत्र किए। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को टीम अपने साथ ले गई। कार्रवाई के दौरान थाने और आसपास मौजूद लोगों में भी मामले को लेकर चर्चा होती रही। भ्रष्टाचार निवारण संगठन के अधिकारियों के अनुसार आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत थाना नानौता में मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है। मामले की विवेचना संगठन के अधिकारी अमित कुमार सिंह को सौंपी जाएगी।


