India Canada Relations | भारत-कनाडा संबंधों में नया अध्याय! पीयूष गोयल बोले- ‘मार्क कार्नी की यात्रा से पूरी तरह बदले दोनों देशों के रिश्ते’

India Canada Relations | भारत-कनाडा संबंधों में नया अध्याय! पीयूष गोयल बोले- ‘मार्क कार्नी की यात्रा से पूरी तरह बदले दोनों देशों के रिश्ते’

खालिस्तानी विवाद के कारण लंबे समय से ठंडे बस्ते में पड़े भारत और कनाडा के संबंधों में एक बार फिर गर्माहट लौट आई है। कनाडा की आधिकारिक यात्रा पर पहुंचे केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की हालिया भारत यात्रा ने दोनों देशों के संबंधों को पूरी तरह से नए सिरे से स्थापित करने (Reset) का मार्ग प्रशस्त किया है। गोयल ने कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू से मुलाकात के दौरान यह महत्वपूर्ण टिप्पणी की। उन्होंने रेखांकित किया कि अब दोनों देश एक नए एजेंडे और नए लक्ष्यों के साथ आगे बढ़ रहे हैं।

कनाडा की यात्रा पर आए गोयल ने उत्तर अमेरिकी देश के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू से सोमवार को मुलाकात के दौरान यह टिप्पणी की।
भारत के खनन, ऊर्जा, वाहन और एयरोस्पेस क्षेत्रों के 100 से अधिक वरिष्ठ कारोबारी प्रतिनिधि गोयल के साथ कनाडा पहुंचे हैं।

नयी दिल्ली का कहना है कि यह कनाडा जाने वाला भारत का अब तक का सबसे बड़ा कारोबारी प्रतिनिधिमंडल है।
गोयल ने सोमवार को कहा, ‘‘यह एक ऐसी साझेदारी है जिसे बहुत तेजी से नए सिरे से स्थापित किया जा रहा है।’’
उन्होंने कहा कि फरवरी के अंत में कार्नी की यात्रा ने ‘‘कनाडा और भारत के एक-दूसरे को देखने के तरीके को पूरी तरह बदल दिया।’’ यह आठ वर्षों में कनाडा के किसी प्रधानमंत्री की पहली भारत यात्रा थी।
उन्होंने कहा, ‘‘इसने इस संबंध में व्यापक बदलाव का मार्ग प्रशस्त किया है और नए एजेंडे एवं नए लक्ष्य तय किए हैं।’’

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कनाडा और भारत के बीच 2010 से व्यापार वार्ता जारी है। कनाडा के अधिकारियों द्वारा यह आरोप लगाए जाने के बाद 2023 में वार्ता रोक दी गई थी कि जून 2023 में वैंकूवर के पास हुई निज्जर की हत्या में भारत शामिल था।
नयी दिल्ली ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था और कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की सरकार पर खालिस्तान समर्थक अलगाववादी गतिविधियों में शामिल सिख चरमपंथियों को शरण देने का आरोप लगाया था।
गोयल ने सिद्धू से मुलाकात से पहले कहा कि दोनों देश इस साल मुक्त व्यापार समझौते पर पहुंचने के इच्छुक हैं।
भारत यात्रा के दौरान कार्नी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की थी और दोनों पक्षों ने कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए थे।

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इनमें परमाणु ऊर्जा उत्पादन के लिए भारत को लगभग 2.2 करोड़ पाउंड यूरेनियम की आपूर्ति संबंधी 2.6 अरब कनाडाई डॉलर (1.9 अरब अमेरिकी डॉलर) का समझौता भी शामिल था।
कनाडा का एक प्रतिनिधिमंडल इस महीने की शुरुआत में व्यापार वार्ता के लिए नयी दिल्ली गया था और एक अन्य भारतीय प्रतिनिधिमंडल चर्चा जारी रखने के लिए इस साल के अंत में कनाडा आने की योजना बना रहा है।
गोयल ने कहा कि दोनों देश 2030 तक अपने व्यापार को तीन गुना बढ़ाकर 50 अरब अमेरिकी डॉलर करने की दिशा में काम कर रहे हैं।

ओटावा में गोयल ने कार्नी और कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद से मुलाकात की। उनका प्रमुख कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों, स्टार्टअप और पेंशन कोषों के प्रतिनिधियों से भी मिलने का कार्यक्रम है।
‘एशिया पैसिफिक फाउंडेशन ऑफ कनाडा’ में अनुसंधान एवं रणनीति की उपाध्यक्ष वीना नादजीबुल्ला ने कहा कि दोनों देश अपने संबंधों में विविधता लाना चाहते हैं और अमेरिका पर अपनी निर्भरता कम करना चाहते हैं।

भारत ने हाल में यूरोपीय संघ, ब्रिटेन और न्यूजीलैंड के साथ व्यापार समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं।
नादजीबुल्ला ने कहा, ‘‘भारत अब पूंजी, प्रौद्योगिकी और नवोन्मेष संबंधी अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए यूरोप के साथ-साथ ऑस्ट्रेलिया और कनाडा जैसी अन्य पश्चिमी अर्थव्यवस्थाओं की ओर रुख कर रहा है।

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