शेयर मार्केट निवेश के नाम पर दो लाख की ठगी:ग्वालियर में बिजली कर्मचारी को कम समय में ज्यादा मुनाफे का लालच दिया,नहीं निकली राशि

शेयर मार्केट निवेश के नाम पर दो लाख की ठगी:ग्वालियर में बिजली कर्मचारी को कम समय में ज्यादा मुनाफे का लालच दिया,नहीं निकली राशि

ग्वालियर के झांसी रोड थाना क्षेत्र स्थित श्रीराम कॉलोनी के मधुबन अपार्टमेंट में रहने वाले बिजली कर्मचारी विजय कुमार सिंधी के साथ शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर 2 लाख रुपए की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस से करते हुए कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि वह वर्ष 2025 से ऑनलाइन शेयर मार्केट में निवेश कर रहा है। 7 मई 2026 को उसके मोबाइल पर व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क करने वाले एक व्यक्ति ने अपना नाम हेमंत ओसवाल बताया और शेयर मार्केट में निवेश कर अधिक मुनाफा कमाने का झांसा दिया। बातचीत के दौरान आरोपी ने एक अन्य मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराया, जिस पर लगातार निवेश संबंधी चर्चा होती रही। निवेश करने के लिए तैयार किया इसके बाद पीड़ित को “A1154 Magnum Traders Hub” नामक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ दिया गया। ग्रुप से जुड़े एक अन्य व्यक्ति ने स्वयं को “निश्चल संतोष जैन चीफ एनालिस्ट एट मैग्नम” बताते हुए “Magnum Smart” नामक एप्लीकेशन डाउनलोड करवाई और निवेश करने के लिए प्रेरित किया। आरोपियों के झांसे में आकर पीड़ित ने 3 जून 2026 को बताए गए बैंक खाते में 1 लाख रुपए जमा किए। एप्लीकेशन में उसे 17 हजार रुपए का लाभ दिखाई देने लगा। इसके बाद अधिक मुनाफे का लालच देकर 4 जून 2026 को एक बार फिर 1 लाख रुपए निवेश करवा लिए गए। दूसरी राशि जमा होने के बाद एप में 60,120 रुपए का लाभ दर्शाया गया। जमा और मुनाफा राशि नहीं निकली जब पीड़ित ने 5 जून 2026 को अपनी जमा राशि और मुनाफा निकालने का प्रयास किया तो निकासी नहीं हो सकी। पूछताछ करने पर आरोपियों ने 10 लाख रुपए और जमा करने की शर्त रख दी। इसके बाद पीड़ित को व्हाट्सएप ग्रुप से हटा दिया गया और एप्लीकेशन में उसकी कुल संपत्ति लगभग शून्य दिखाई देने लगी। अपने साथ ठगी होने का एहसास होने पर पीड़ित ने तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत का नंबर 32106260025358 प्राप्त हुआ है। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि संबंधित व्हाट्सएप चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्य उसके पास सुरक्षित हैं, जिन्हें जांच के दौरान उपलब्ध कराया जाएगा। पुलिस ने शुरू की मामले की जांच पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। संबंधित बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल ट्रांजेक्शन की जानकारी जुटाई जा रही है। साइबर पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस गिरोह ने अन्य लोगों को भी इसी तरह निशाना बनाया है या नहीं।

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