डीडवाना जिले में चल रही नहरबंदी अपने अंतिम चरण में है। इसे देखते हुए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। इंदिरा गांधी नहर जिले के लिए सतही जल का एकमात्र प्रमुख स्रोत है और नहरबंदी के कारण आगामी सात दिनों तक पेयजल आपूर्ति में कमी आने की संभावना है। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता सुनील मानवताल ने बताया कि नहरबंदी के प्रभाव को देखते हुए सभी अभियंताओं को पेयजल वितरण व्यवस्था की लगातार निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्थानीय भूजल स्रोतों जैसे हैंडपंप और ट्यूबवेल को तुरंत दुरुस्त कर जलापूर्ति बनाए रखने का प्रयास कर रहा है। मानवताल ने यह भी बताया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में अब तक जिले में 137 हैंडपंपों की मरम्मत की जा चुकी है। जल संकट वाले क्षेत्रों में वैकल्पिक व्यवस्था के तहत टैंकरों से पेयजल आपूर्ति की जा रही है। विभाग 4 शहरों में लगभग 93 टैंकर ट्रिप्स और 164 गांवों व 195 ढाणियों में करीब 407 टैंकर ट्रिप्स के माध्यम से पानी पहुंचा रहा है। जलदाय विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे पर्याप्त जल भंडारण की व्यवस्था रखें और उपलब्ध पेयजल का मितव्ययिता से उपयोग करें। पेयजल संबंधी शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए जिला स्तर पर एक कंट्रोल रूम भी संचालित किया जा रहा है। नागरिक दूरभाष नंबर 01580-220045 पर संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।


