रतलाम जिले के आलोट के विक्रमगढ़ में मनीष माली का अपहरण कर उज्जैन ले जाकर हत्या करने वाले आरोपियों का पुलिस ने जुलूस निकाला। आरोपी नंगे पैर कान पकड़कर सिर झुकाकर चलते रहे। आरोपियों को देखने के लिए बड़ी संख्या में नगरवासी अलग-अलग चौराहे पर एकत्र हो गए। मनीष के हत्या के आरोप में गिरफ्तार पांच आरोपियों का सोमवार को पुलिस ने पैदल जुलूस निकाला। कोर्ट में पेश करने के लिए पुलिस टीम आरोपियों को मेडिकल कराने आलोट सिविल हॉस्पिटल पहुंची। अस्पताल से वापसी के दौरान पुलिस वाहन खराब हो गया। इसके बाद पुलिस आरोपियों का पैदल जुलूस के रुप में कोर्ट में पेश किया। जहां से आरोपी मयंक उर्फ महेंद्र माली, रितेश माली, निलेश माली, यश व मुजफ्फर सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। किडनैप में प्रयुक्त कार क्रमांक MP 43 ZM 0656 आलोट के रामसिंह दरबार क्षेत्र से जप्त की। 90 किमी दूर ले जाकर की थी हत्या बता दे कि शनिवार रात मनीष माली (22) को घर से किडनैप कर 90 किमी दूर ले जाकर गला घोंटकर मार दिया था। फिर घर में ताला लॉककर भाग गए थे। पुलिस ने मृतक के पिता की शंका के आधार पर कुछ युवकों को पकड़ा था। इसके बाद हत्या का खुलासा हुआ। शव उज्जैन के नीलगंगा थाना क्षेत्र से बरामद किया था। शव रख किया था चक्काजाम हत्या के बाद से आलोट में तनाव था। रविवार को मनीष के शव को विक्रमगढ़ फाटक पर बीच सडक पर रख आक्रोश जताया था। आरोपियों के घर बुलडोजर चलाने व जुलूस निकालने की मांग की थी। नगर परिषद द्वारा आरोपियों के मकान का कुछ हिस्से पर जेसीबी चलाकर तोड़ा भी था। इसके बाद आक्रोशित भीड़ ने आरोपियों के घर में घुस कर तोड़फोड़ कर आग भी लगा दी थी।


