छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला में एक ग्रामीण ने अपनी बड़ी मां की लात-घूसों से पिटाई कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद लाश को बाइक में ले जाकर जंगल में फेंक दिया। जहां 4 दिन बाद सड़ी गली लाश मिलने के बाद मामले का खुलासा हुआ। ऐसे में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मामला छाल थाना क्षेत्र का है। मिली जानकारी के मुताबिक घटना का खुलासा तब हुआ जब बुधवार को ग्राम बेहरामार का रहने वाला लोकनाथ राठिया ने थाना छाल पहुंचकर अपनी मां केवला बाई राठिया 70 साल के 4-5 दिनों से लापता होने और चचेरे भाई आशन राठिया 36 साल पर जमीन विवाद के चलते किसी घटना को अंजाम देने की अशांका जताई। इसी दौरान पुलिस को बेहरामार-जामपाली पगडंडी मार्ग के जंगल झुरमुट में शव पड़े होने और दुर्गंध आने की सूचना मिली। तब छाल थाना प्रभारी छाल ने तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराकर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। जहां झाड़ियों के बीच गड्ढे में महिला का सड़ा-गला शव मिला। जिलकी पहचान केवला बाई राठिया के रूप में हुई।
जमीन को लेकर लंबे समय से चल रहा था विवाद
इसके बाद पुलिस ने जांच करते हुए परिजनों से पूछताछ की, जिसमें जानकारी मिली कि जमीन बंटवारे और बिक्री को लेकर चचेरा भाई आशन राठिया का केवला बाई से लंबे समय से विवाद चल रहा था। 18 अप्रैल को केवला बाई महुआ बीनने के लिए गई थी इसी दौरान आशन राठिया ने जमीन बेचने की बात को लेकर अपनी बड़ी मां के साथ विवाद करते हुए हाथ-मुक्कों और लात-घूसों से हमला कर दिया। जिससे केवला बाई की मौत हो गई।
साक्ष्य छिपाने के लिए लाश जंगल में फेंका
घटना के बाद मामले का किसी को भनक न लगे, इसके लिए आशन राठिया ने वृद्धा के शव को अपनी मोटरसाइकिल में लादकर जंगल के झुरमुट में फेंक दिया। तब पुलिस ने संदेही आशन राठिया को हिरासत में लेकर पूछताछ की। जहां उसने अपनी बड़ी की हत्या करने के बाद शव को छिपाने के लिए लाश को जंगल में फेंकने की बात स्वीकार की। पुलिस ने आरोपी के पास से घटना में प्रयुक्त बाइक और जमीन की ऋण पुस्तिका को जब्त करते हुए आरोपी आशन राठिया को गिरफ्तार कर लिया और न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा है। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया
SSP शशि मोहन सिंह ने बताया कि जमीन-जायदाद या पारिवारिक विवाद में कानून हाथ में लेना कोई हल नहीं है। गुस्से में किए गए ऐसे जघन्य अपराधों पर रायगढ़ पुलिस जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई करेगी। आमजन विवादों का समाधान संवाद और कानून के माध्यम से करें, हिंसा के माध्यम से नहीं। इस मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।


