पूर्णिया में स्टाफ को हाथ-पैर बांधकर पीटा:पीड़िता का आरोप, सादे पेपर पर हस्ताक्षर कराया; आंख-कान में मिर्च झोंकी

पूर्णिया में स्टाफ को हाथ-पैर बांधकर पीटा:पीड़िता का आरोप, सादे पेपर पर हस्ताक्षर कराया; आंख-कान में मिर्च झोंकी

पूर्णिया में निजी कंपनी के स्टाफ के हाथ-पैर बांधकर पिटाई की गई है। लोहे के रॉड और डंडों से पीटा गया है। आरोप है कि आंख और कान में मिर्च पाउडर तक डाला गया है। पीड़ितों का आरोप है कि मारपीट के दौरान उनसे सादे कागजों पर जबरन हस्ताक्षर कराए गए। पीड़ितों ने आशंका जताई है कि उन कागजों का इस्तेमाल बाद में किसी साजिश या अवैध दस्तावेज तैयार करने में किया जा सकता है। पीड़िता का दावा है कि पूरी घटना कंपनी के सीसीटीवी में कैद हुई है। अगर पुलिस जांच करे तो सच्चाई सामने आएगी। मामला मरंगा थाना क्षेत्र से जुड़ा है।
तीनों घायल कर्मियों को जीएमसीएच में भर्ती कराया गया
जख्मी निजी कंपनी के कर्मियों के नाम संग्राम यादव, अर्जुन कुमार मेहता और इंदु भूषण यादव है। तीनों घायल कर्मियों को जीएमसीएच में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। पीड़ित परिवार ने मरंगा थाना में आवेदन दिया है। कर्मियों ने बताया कि उन्हें मरंगा बियाडा स्थित स्काईलार्क लीड्स प्राइवेट लिमिटेड के परिसर में बुलाया गया था। वहां पहुंचते ही कंपनी के गार्ड और अन्य लोगों ने उन्हें जबरन पकड़ लिया। इसके बाद उनके हाथ-पैर बांध दिए गए ताकि वे विरोध न कर सकें। बंधक बनाने के बाद लोहे की रॉड, लाठी और डंडों से लगातार उनकी पिटाई की गई।
जातिसूचक गालियां भी दी गई घायल अर्जुन कुमार मेहता ने बताया कि मारपीट के दौरान उन्हें जातिसूचक गालियां दी गईं। पीड़ितों का आरोप है कि कंपनी के मैनेजर और मालिक भी वहां मौजूद थे और वे लगातार उन्हें अपमानित कर रहे थे। जब वे दर्द से कराह रहे थे तो आरोपियों ने उन्हें चुप कराने के लिए उनकी आंखों और कानों में मिर्च पाउडर डाल दिया। इस वजह से उन्हें असहनीय दर्द झेलना पड़ा। मारपीट से उनके शरीर पर कई जगह गंभीर चोटें आई हैं।
दोनों पक्षों की ओर से आवेदन मिला है घटना की जानकारी मिलते ही मरंगा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने तीनों कर्मियों को मुक्त कराया और तुरंत इलाज के लिए जीएमसीएच भेजा। फिलहाल सभी घायलों का इलाज चल रहा है। मरंगा थानाध्यक्ष कौशल कुमार ने बताया कि इस मामले में दोनों पक्षों से आवेदन मिला है। पुलिस सभी आरोपों की जांच कर रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। पूर्णिया में निजी कंपनी के स्टाफ के हाथ-पैर बांधकर पिटाई की गई है। लोहे के रॉड और डंडों से पीटा गया है। आरोप है कि आंख और कान में मिर्च पाउडर तक डाला गया है। पीड़ितों का आरोप है कि मारपीट के दौरान उनसे सादे कागजों पर जबरन हस्ताक्षर कराए गए। पीड़ितों ने आशंका जताई है कि उन कागजों का इस्तेमाल बाद में किसी साजिश या अवैध दस्तावेज तैयार करने में किया जा सकता है। पीड़िता का दावा है कि पूरी घटना कंपनी के सीसीटीवी में कैद हुई है। अगर पुलिस जांच करे तो सच्चाई सामने आएगी। मामला मरंगा थाना क्षेत्र से जुड़ा है।
तीनों घायल कर्मियों को जीएमसीएच में भर्ती कराया गया
जख्मी निजी कंपनी के कर्मियों के नाम संग्राम यादव, अर्जुन कुमार मेहता और इंदु भूषण यादव है। तीनों घायल कर्मियों को जीएमसीएच में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। पीड़ित परिवार ने मरंगा थाना में आवेदन दिया है। कर्मियों ने बताया कि उन्हें मरंगा बियाडा स्थित स्काईलार्क लीड्स प्राइवेट लिमिटेड के परिसर में बुलाया गया था। वहां पहुंचते ही कंपनी के गार्ड और अन्य लोगों ने उन्हें जबरन पकड़ लिया। इसके बाद उनके हाथ-पैर बांध दिए गए ताकि वे विरोध न कर सकें। बंधक बनाने के बाद लोहे की रॉड, लाठी और डंडों से लगातार उनकी पिटाई की गई।
जातिसूचक गालियां भी दी गई घायल अर्जुन कुमार मेहता ने बताया कि मारपीट के दौरान उन्हें जातिसूचक गालियां दी गईं। पीड़ितों का आरोप है कि कंपनी के मैनेजर और मालिक भी वहां मौजूद थे और वे लगातार उन्हें अपमानित कर रहे थे। जब वे दर्द से कराह रहे थे तो आरोपियों ने उन्हें चुप कराने के लिए उनकी आंखों और कानों में मिर्च पाउडर डाल दिया। इस वजह से उन्हें असहनीय दर्द झेलना पड़ा। मारपीट से उनके शरीर पर कई जगह गंभीर चोटें आई हैं।
दोनों पक्षों की ओर से आवेदन मिला है घटना की जानकारी मिलते ही मरंगा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने तीनों कर्मियों को मुक्त कराया और तुरंत इलाज के लिए जीएमसीएच भेजा। फिलहाल सभी घायलों का इलाज चल रहा है। मरंगा थानाध्यक्ष कौशल कुमार ने बताया कि इस मामले में दोनों पक्षों से आवेदन मिला है। पुलिस सभी आरोपों की जांच कर रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *