मुंगेर और जमालपुर शहरों में पटना-भागलपुर की तर्ज पर आधुनिक ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने का काम तेजी से चल रहा है। शहर के 58 प्रमुख चौक-चौराहों पर टावर कैमरे और ट्रैफिक सिग्नल लगाने का लगभग 75 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। ढाई माह के अंदर तकनीकी कार्य पूरे निर्माण एजेंसी के अनुसार, अगले ढाई माह के भीतर सभी तकनीकी कार्य पूरे कर लिए जाएंगे। सितंबर माह से पहले इस सिस्टम को चालू कर दिया जाएगा। इसके लागू होने के बाद यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों का चालान स्वतः कट जाएगा। दुर्गापूजा से पहले सिस्टम पूरी तरह लागू चयनित स्थलों पर लोहे के पोल लगाए जा चुके हैं। वर्तमान में विभिन्न पोलों के बीच केबल नेटवर्क बिछाने और कनेक्शन का कार्य प्रगति पर है। पहले इस परियोजना को मई-जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन तकनीकी कार्यों और संरचनात्मक बदलावों के कारण समय सीमा बढ़ गई। अब उम्मीद है कि अक्टूबर में दुर्गापूजा से पहले यह सिस्टम पूरी तरह लागू हो जाएगा। नई व्यवस्था के तहत शहर की निगरानी के लिए पुलिस लाइन में एक अत्याधुनिक कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा। यहां तैनात पुलिसकर्मी बड़ी स्क्रीन पर शहर के विभिन्न हिस्सों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखेंगे। जाम, यातायात बाधा या किसी आपराधिक घटना की जानकारी तत्काल कंट्रोल रूम को मिलेगी। कंट्रोल रूम से पुलिसकर्मी वायरलेस, फोन और वॉकी-टॉकी के माध्यम से संबंधित थानों और अधिकारियों को सूचना देंगे। महत्वपूर्ण चौराहों पर यातायात पुलिस की भी तैनाती की जाएगी, जिससे ट्रैफिक संचालन और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। अपराध नियंत्रण में भी मिलेगी मदद
इस परियोजना का लाभ केवल यातायात व्यवस्था तक सीमित नहीं रहेगा। शहर में होने वाली आपराधिक घटनाओं की निगरानी और अपराधियों की पहचान में भी यह सिस्टम महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। किसी वारदात के बाद भागने वाले अपराधियों की तस्वीरें और गतिविधियां कैमरों में रिकॉर्ड होंगी, जिससे पुलिस को त्वरित कार्रवाई में मदद मिलेगी।
वर्तमान में शहर में कहीं भी घटना होने पर पुलिस आसपास लगे निजी या सरकारी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल कर अपराधियों तक पहुंचने का प्रयास करती है। वहीं, पूर्व में लगाए गए 32 सीसीटीवी कैमरे अब लगभग पूरी तरह खराब हो चुके हैं। इनके संचालन के लिए बनाया गया कंट्रोल रूम और उसमें लगे मॉनिटर व अन्य उपकरण भी निष्क्रिय पड़े हैं। ऐसे में नया ट्रैफिक और सर्विलांस सिस्टम पुलिस के लिए बड़ी राहत साबित होगा।
58 स्थानों पर लगाए जा रहे कैमरे
परियोजना के तहत सरदार पटेल चौक, राजीव गांधी चौक, बाटा चौक, गांधी चौक, मुर्गियां चौक, गौशाला चौक, अंबेडकर चौक, सदर अस्पताल, वासुदेवपुर ओपी चौक, आईटीसी पार्क, सुभाष चौक, भगत सिंह चौक, बस स्टैंड, बबुआ घाट, कष्टहरणी घाट, चंदनबाग थाना मोड़, एसबीआई मोड़, जमालपुर जुबली वेल चौक, स्टेशन चौक, भारत माता चौक, जनता चौक, लाल दरवाजा किला, विजय चौक, थाना चौक, भारत चौक, बड़ी बाजार, कारखाना मोड़, मुफस्सिल थाना चौक, डीजे कॉलेज और शास्त्री चौक सहित कुल 58 प्रमुख स्थानों पर कैमरे और ट्रैफिक सिग्नल लगाए जा रहे हैं।
डीएसपी बोले-निर्माण कार्य में तेजी
यातायात डीएसपी प्रभात रंजन ने बताया कि मुंगेर और जमालपुर में ट्रैफिक सिस्टम लागू करने के लिए निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। निर्माण एजेंसी ने अगले ढाई माह के भीतर सिस्टम को पूरी तरह लाइव करने का आश्वासन दिया है।
75 प्रतिशत कार्य पूरा-एजेंसी अधिकारी
वहीं निर्माण एजेंसी के अधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि परियोजना का करीब 75 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। अब केबल कनेक्शन और तकनीकी इंस्टॉलेशन का काम किया जा रहा है। सितंबर माह से पहले ट्रैफिक सिस्टम को पूरी तरह चालू कर दिया जाएगा, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था दोनों को मजबूती मिलेगी। मुंगेर और जमालपुर शहरों में पटना-भागलपुर की तर्ज पर आधुनिक ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने का काम तेजी से चल रहा है। शहर के 58 प्रमुख चौक-चौराहों पर टावर कैमरे और ट्रैफिक सिग्नल लगाने का लगभग 75 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। ढाई माह के अंदर तकनीकी कार्य पूरे निर्माण एजेंसी के अनुसार, अगले ढाई माह के भीतर सभी तकनीकी कार्य पूरे कर लिए जाएंगे। सितंबर माह से पहले इस सिस्टम को चालू कर दिया जाएगा। इसके लागू होने के बाद यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों का चालान स्वतः कट जाएगा। दुर्गापूजा से पहले सिस्टम पूरी तरह लागू चयनित स्थलों पर लोहे के पोल लगाए जा चुके हैं। वर्तमान में विभिन्न पोलों के बीच केबल नेटवर्क बिछाने और कनेक्शन का कार्य प्रगति पर है। पहले इस परियोजना को मई-जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन तकनीकी कार्यों और संरचनात्मक बदलावों के कारण समय सीमा बढ़ गई। अब उम्मीद है कि अक्टूबर में दुर्गापूजा से पहले यह सिस्टम पूरी तरह लागू हो जाएगा। नई व्यवस्था के तहत शहर की निगरानी के लिए पुलिस लाइन में एक अत्याधुनिक कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा। यहां तैनात पुलिसकर्मी बड़ी स्क्रीन पर शहर के विभिन्न हिस्सों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखेंगे। जाम, यातायात बाधा या किसी आपराधिक घटना की जानकारी तत्काल कंट्रोल रूम को मिलेगी। कंट्रोल रूम से पुलिसकर्मी वायरलेस, फोन और वॉकी-टॉकी के माध्यम से संबंधित थानों और अधिकारियों को सूचना देंगे। महत्वपूर्ण चौराहों पर यातायात पुलिस की भी तैनाती की जाएगी, जिससे ट्रैफिक संचालन और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। अपराध नियंत्रण में भी मिलेगी मदद
इस परियोजना का लाभ केवल यातायात व्यवस्था तक सीमित नहीं रहेगा। शहर में होने वाली आपराधिक घटनाओं की निगरानी और अपराधियों की पहचान में भी यह सिस्टम महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। किसी वारदात के बाद भागने वाले अपराधियों की तस्वीरें और गतिविधियां कैमरों में रिकॉर्ड होंगी, जिससे पुलिस को त्वरित कार्रवाई में मदद मिलेगी।
वर्तमान में शहर में कहीं भी घटना होने पर पुलिस आसपास लगे निजी या सरकारी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल कर अपराधियों तक पहुंचने का प्रयास करती है। वहीं, पूर्व में लगाए गए 32 सीसीटीवी कैमरे अब लगभग पूरी तरह खराब हो चुके हैं। इनके संचालन के लिए बनाया गया कंट्रोल रूम और उसमें लगे मॉनिटर व अन्य उपकरण भी निष्क्रिय पड़े हैं। ऐसे में नया ट्रैफिक और सर्विलांस सिस्टम पुलिस के लिए बड़ी राहत साबित होगा।
58 स्थानों पर लगाए जा रहे कैमरे
परियोजना के तहत सरदार पटेल चौक, राजीव गांधी चौक, बाटा चौक, गांधी चौक, मुर्गियां चौक, गौशाला चौक, अंबेडकर चौक, सदर अस्पताल, वासुदेवपुर ओपी चौक, आईटीसी पार्क, सुभाष चौक, भगत सिंह चौक, बस स्टैंड, बबुआ घाट, कष्टहरणी घाट, चंदनबाग थाना मोड़, एसबीआई मोड़, जमालपुर जुबली वेल चौक, स्टेशन चौक, भारत माता चौक, जनता चौक, लाल दरवाजा किला, विजय चौक, थाना चौक, भारत चौक, बड़ी बाजार, कारखाना मोड़, मुफस्सिल थाना चौक, डीजे कॉलेज और शास्त्री चौक सहित कुल 58 प्रमुख स्थानों पर कैमरे और ट्रैफिक सिग्नल लगाए जा रहे हैं।
डीएसपी बोले-निर्माण कार्य में तेजी
यातायात डीएसपी प्रभात रंजन ने बताया कि मुंगेर और जमालपुर में ट्रैफिक सिस्टम लागू करने के लिए निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। निर्माण एजेंसी ने अगले ढाई माह के भीतर सिस्टम को पूरी तरह लाइव करने का आश्वासन दिया है।
75 प्रतिशत कार्य पूरा-एजेंसी अधिकारी
वहीं निर्माण एजेंसी के अधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि परियोजना का करीब 75 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। अब केबल कनेक्शन और तकनीकी इंस्टॉलेशन का काम किया जा रहा है। सितंबर माह से पहले ट्रैफिक सिस्टम को पूरी तरह चालू कर दिया जाएगा, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था दोनों को मजबूती मिलेगी।


